
अल्पविराम से खुद की खूबियां और खामियों पर गया पहली बार ध्यान
नौगांव। राज्य आनंद संस्थान द्वारा राजधानी भोपाल के बाहर पहली बार किये जा रहे आनंदम सहयोगी प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान नौगांव में पुलिस राजस्व और नगरीय प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी सम्मिलित हुए। अल्पविराम के दौरान शांत रहकर पहली बार उनका खुद की खूबियों और खामियों पर ध्यान गया, उन्होंने स्वीकार किया कि अच्छे बर्ताव के साथ जीना अधिक सुखद है। राज्य आनंद संस्थान की ओर से जिला संपर्क व्यक्ति लखनलाल असाटी, मास्टर ट्रेनर श्रीमती आशा असाटी, इनीशिएटिव आफ चेंज पंचगनी पुणे से हिमांशु भारत, संस्थान मुख्यालय से प्रदीप महतो, टीकमगढ़ डीपीएल नितिन बबेले, आनंदम सहयोगी कृष्ण पाल सिंह परिहार द्वारा विभिन्न सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों का ध्यान खुद पर केंद्रित किया गया। आनंद की ओर सत्र के माध्यम से लखनलाल असाटी ने मैं और शरीर के सह अस्तित्व मानव पर चर्चा करते हुए सीमित आवश्यकताओं के बारे में अनुभव कराया। यह भी बात ध्यान में लाई गई कि जीवन में प्रेम, विश्वास, सम्मान आदि पाने के लिए सुविधाओं से अधिक भाव अर्थात सही संबंध की आवश्यकता है। सुविधा और संबंध के लिए खुद में राइट अंडरस्टैंडिंग जरूरी है, हिमांशु भारत ने कुछ गतिविधियों के माध्यम से अंतरात्मा की आवाज को ध्यान से सुनने का अभ्यास कराया और कहा कि हमारे अंदर से आने वाली आवाज ही हमारा सही-सही मार्गदर्शन करती है, आशा असाटी ने जीवन का लेखा-जोखा के माध्यम से इस तथ्य की ओर ध्यान दिलाया कि हम सभी को मदद तो अधिक मिल रही है पर हमने दूसरों की मदद कम की है अब जरूरत इसे बैलेंस करने की है, मदद,कृतज्ञता,क्षमा के भाव पर भी ध्यान देने का आग्रह किया। प्रदीप महतो द्वारा सांप और मछली खेल के माध्यम से प्रतिभागियों का ध्यान इस और आकृष्ट कराया कि खुद की जरूरत पूरी करने के लिए दूसरों के शोषण की आवश्यकता नहीं है। बोझ तथा बिना बोझ के दो प्रतिभागियों द्वारा की गई दौड़ का निष्कर्ष यह सामने आया कि जब हम अंदर कोई बोझ नहीं रखते हैं तो हमारी परफॉर्मेंस बेहतर होती है, नितिन बबेले और कृष्ण पाल सिंह ने पूरे कार्यक्रम में सहयोग किया। ग्रामीण विकास विभाग के क्षेत्रीय ट्रेनिंग सेंटर नौगांव में आयोजित तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण का समापन शनिवार 24 अगस्त को होगा। संस्थान की ओर से फैकल्टी मेंबर लवली मिश्रा तथा कार्यालय से जनक सिंह कुहकुटे ने सहयोग किया, इस दौरान गीत फिल्म और एक्टिविटी के माध्यम से प्रतिभागियों का ध्यान सकारात्मक ऊर्जा की ओर दिलाया गया।









