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छतरपुर की सेवक ललिता यादव को हर बार मिला जनआशीर्वाद    

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छतरपुर। सागर के राजा बिलेहरा में एक सामान्य परिवार में 22 अप्रैल 1962 को जन्मी ललिता यादव का नाम यहां के बडे बुजुर्गो से लेकर युवाओं और बच्चों के बीच इतना लोकप्रिय है कि उन्हें कोई अपनी बेटी की तरह दुलारता है, कोई बहन की तरह स्नेह देता है तो कोई बहू की तरह अपने परिवार का सदस्य मानता है और वही वह जन-जन की जुबान में मम्मी पुकारी जाती है। इसी कारण वे जब जब छतरपुर नगर के लोगों के पास उनका साथ और विश्वास मांगने गईं तब तब सभी ने भरपूर आशीर्वाद देकर अपनी सेवा की जिम्मेदारी सौपी है। इसी विश्वास के कारण ललिता यादव पहले नगर पालिका अध्यक्ष, फिर विधायक बनी। सरकार में राज्य मंत्री की जिम्मेदारी संभाली और भाजपा संगठन में प्रदेश उपाध्यक्ष व पदेश के नेतृत्व में रहकर ईमानदारी से दायित्वों को निर्वहन किया और फिर 2023 में छतरपुर की तीसरी बार विधायक चुनी गई। सही मायने में नगर पालिका से शुरू हुये राजनीति के इस सफर में ललिता यादव प्रदेश व देश के नेतृत्व में भरोसेमंद, कर्मठ कार्यकर्ता के रुप में उभरी हैं।
 ये सब जानते है हाल में हुये विधानसभा चुनाव में उनके सामने हालात कितने चुनौतीपूर्ण थे। एक तरफ पार्टी  के लोग ही उनको हराने के लिए करोड़ों रुपए लेकर खिलाफत में लगे थे। वही दूसरी तरफ करोडों रुपये पानी की तरह बहाकर एक वर्ग विशेष के सहयोग से अराजकता और जाति का जहर घोल कर चुनाव जीतने का जतन करने वाले समस्यायें खडी करने में कोई कसर नहीं छोड रहे थे। ऐसे विपरीत हालातों में ललिता यादव जैसे ही छतरपुर के अपने परिवारजनों के बीच पहुंची तो सभी ने उन्हें पलकों पर बैठाया और एक बार जनसेवक को अपना स्नेह, सम्मान व आशीर्वाद देकर विधायक का ताज पहनाया और बता दिया कि अपने तो अपने होते हैं।  
संघर्ष से शुरू हुआ जनसेवा का सफर    
सही मायने में जीवन में एक के बाद एक जटिलतायें और नई नई चुनौतियों से जूझने वाली ललिता यादव ने न खुद कभी हिम्मत हारी, न नगर के लोगों ने उन पर अपना अपनत्व व जुडाव कम होने दिया। देखा जाये तो ललिता यादव के जीवन का सफर संघर्षों से भरा रहा है। उनका बचपन अभावों में बीता, बीड़ी बनाकर पढ़ाई की और इसी दौरान उनका विवाह हो गया। शिक्षा के महत्व को समझते हुये उन्होंने एक तरफ वैवाहिक दायित्व को निभाया और दूसरी तरफ पढ़ाई भी जारी रखी। जीवन के तमाम संघर्षों से जूझते हुये ललिता यादव ने जब समाजसेवा के लिए राजनीति की राह चुनी तो पहली बार के पार्षद के चुनाव में पराजय का सामना जरुर करना पडा मगर इसके बाद हर बार नगर की जनता ने स्नेह से उन्हें विश्वास का सहारा दिया। आमजन के अपनत्व के कारण ही संघर्ष की अग्नि में तपकर ललिता यादव आज सौ फीसदी खरे सोने की तरह दमक रही हैं। यदि कहा जाये कि ललिता यादव नगर के आमजन की उम्मीद को पूरा करने वाली, विकास की पर्याय बनी हैं तो अतिशयोक्ति नहीं होगी। नगर के लोगों ने ललिता यादव को पहली बार भारतीय जनता पार्टी ने उम्मीदवार के रुप में नगर पालिका छतरपुर के अध्यक्ष पद का ताज पहनाया। संघर्षशील और बेदाग छवि कायम रखते हुये उन्होंने नगर के विकास के लिए जो किया, उससे आमजन के मन में उनके प्रति विश्वास और गहरा होता चला गया। ललिता यादव ने जिस तरह से एक जनसेवक की तरह आमजन की सेवा की, उसी कारण आमजन ने उन्हें तीसरी बार विधायक चुनकर बडी जिम्मेदारी सौंप दी है। उन्हें तीन बार विधायक चुनकर आमजन ने बता दिया कि विकास, सहयोग और सेवा के लिये कोई दूसरा नहीं बल्कि ललिता यादव ही जनसेवक ही जरुरी है।
अभावों में पली बढ़ी तो समझा आमजन का दुखदर्द
नगर पालिका छतरपुर की अध्यक्ष बनने के बाद ललिता यादव ने आमजन की परेशानियों के निदान व विकास की चुनौती को बखूबी स्वीकार करके वो कर दिखाया जिसकी सभी को उम्मीद थी दरअसल अभावों में पली बढी ललिता यादव ने बडी आसानी से आमजन का दुखदर्द समझा और उसे दूर करने में कोई कसर नहीं छोडी। नपाध्यक्ष के उनके कार्यकाल में प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी इसके बावजूद ललिता यादव ने छतरपुर की हर गली को सीसी रोड में तब्दील कर शहर में सीमेंट कंक्रीट रोड का जाल बिछा दिया। हरसंभव कोशिशें करके शहर के विकास के लिए कांग्रेस सरकार से बजट लाकर जिस तरह छतरपुर को विकास की दौड़ में आगे खड़ा किया वह बेमिसाल रहा। सरल, सहज और मिलनसार ललिता यादव का जितना जुड़ाव शहर से रहा उतना ही ग्रामीण क्षेत्र से भी। इसी कारण जब ललिता यादव लगातार दो बार विधायक चुनी गई तो उन्होंने क्षेत्र के विकास में कोई कसर नहीं छोडी, जरुरमंदों, गरीबों, वंचितों और असहायों को शासन की योजनाओं का लाभ दिलाकर मुख्य धारा में शामिल किया। उन्होंने छतरपुर में विश्वविद्यालय खुलवाया, मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति कराके निर्माण आरंभ कराया। गांव गांव में सडकों का जाल बिछाया, स्कूलों का उन्नयन कराया। गांवों में स्कूल और समाज भवन बनवाये। सिंचाई सुविधाओं का विस्तार कराया। जिससे छतरपुर क्षेत्र विकास की दौड़ में आगे हो गया है और अब तीसरी बार विधायक चुने जाने पर क्षेत्र में 15 करोड़ रुपए के कार्य स्वीकृत कराए इसके साथ उप-स्वास्थ्य केंद्र व स्कूलों की आलीशान बिल्डिंग के सथ सीएम राइज स्कूल का छतरपुर में शुभारंभ होना बड़ी सौगातों का श्रीगणेश माना जा रहा है। छतरपुर को नगर निगम बनाने की घोषणा तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी. शर्मा द्वारा करने और इस कार्य को पूरा कराना, छतरपुर में बेहतर आवागमन को सुलभ कराना विधायक श्रीमती ललिता यादव की कार्ययोजना में है।

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