टीकमगढ: मध्य प्रदेश शासन के मार्गदर्शन में पूरे प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य जन भागीदारी से जल संरक्षण, संवर्धन सुनिश्चित करना है। इस अभियान के अन्तर्गत समाज की भागीदारी और विभिन्न सहभागी विभागों की समेकित पहल से मुख्यतः नवीन जल संग्रहण संरचनाओं के निर्माण, भूजल संवर्धन, पूर्व से मौजूद जल संग्रहण संरचनाओं की साफ-सफाई व जीर्णोद्धार, मरम्मत, जल स्रोंतो में प्रदूषण के स्तर को कम करने, जल वितरण संरचनाओं की साफ-सफाई आदि प्रकार के कार्य शामिल हैं।उल्लेखनीय है कि बुन्देलखण्ड सेवा संस्थान टीकमगढ़ मप्र में विगत एक वर्ष से 8 पंचायत राधापुर, नैनवारी, सुन्दरपुर, पातरखेरा, लार खास, बडमाडई खास, बडमाडई रिगौरा, नन्नीटेहरी में सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को गरीबों तक पहुंचाने एवं स्वच्छ पेयजल तथा स्वच्छता पर एवं पंचायत सशक्तिकरण ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति, जल मित्र जल सखी स्वंय सहायता समूह, ग्राम शिक्षा समिति, के बीच जनजागरूकता का कार्य कर रही है। इसी क्रम में मध्य प्रदेश शासन के मार्गदर्शन में पूरे प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है, जिसका प्रचार प्रसार संस्थान के द्वारा परियोजना क्षेत्र के सभी पंचायतों में समुदाय के साथ मीटिंग बैठक कर तथा रैली निकालकर जागरूकता का कार्य कर रही है। संस्थान के टीम द्वारा समुदाय के साथ बैठक कर समुदाय को जागरूक करने हेतु भूमिगत जल तथा सतही जल के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। संस्थान से श्रीमती मुमताज बानों ने बताया कि जो पृथ्वी की सतह के नीचे की परतों में जल स्थित होता है। यह जल मुख्य रूप से मिट्टी, रेत, चट्टान और तलछट जैसी भूगर्भीय परतों में जमा होता है। यह जल वर्षा, नदियों और झरनों से रिसकर भूमिगत परतों में चला जाता है और वहां स्थिर रहता है। हम भूमिगत जल का उपयोग पीने के पानी, सिंचाई, औद्योगिक प्रयोजनों और घरेलू आवश्यकताओं के लिए करते हैं। इसकी मात्रा बहुत अधिक हो सकती है, लेकिन यदि अत्यधिक उपयोग किया जाए , तो इसका जलस्तर कम हो सकता है और जल संकट उत्पन्न हो सकता है। इसलिए हमें खेत तालाब, मेंडबन्धी, डगवेल, सोकपिट, वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम आदि प्रकार से जल संरक्षण करना आवश्यक है। संस्थान से श्री मनोज कुमार ने सतही जल के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि सतही जल वह जल है, जो पृथ्वी की सतह पर मौजूद रहता है। इसमें नदियाँ, झीलें, तालाब, नाले, समुद्र का पानी शामिल हैं। इस प्रकार से संस्थान के टीम द्वारा ग्राम पंचायत लार खास, सुन्दरपुर, बडमाडई खास, बडमाडई रिगौरा, नैनवारी, नन्नीटेहरी, राधापुर, पातरखेरा, पंचायतों में जल गंगा संवर्धन अभियान को सफल बनाने के लिए गांव के लोंगो के साथ बैठक कर तथा गांव में रैली निकालकर जल संरक्षण एवं जल संवर्धन को लेकर जागरूक किया जा रहा है। ग्राम पंचायतों में जल संरक्षण से सम्बन्धित कार्यों को कराने के लिए समुदाय के साथ बैठक कर जल संरक्षण से सम्बन्धित कार्य जैसे खेत तालाब, मेंडबन्धी, वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, डगवेल, सोकपिट, कुंआ, बावडी, हैण्डपम्प आदि सूचीबद्धकर पंचायतों को पत्राचार किया गया है, जिससे गांव में अधिक कार्य हो सके और सभी पंचायतें आदर्श ग्राम पंचायत बन सकें ।इन सभी कार्याें को सभी पंचायतों के सरपंच एवं सचिवों ने पूर्ण कराने का आश्वासन दिया है। संस्थान से विवेक सिंह, कुलदीप सिंह, दशरथ प्रसाद, श्यामलाल, मनोज कुमार, राहुल रैकवार, मुमताज बानों, नैन्सी प्रजापति, रीना कुशवाहा, सहित ग्रामवासी उपस्थित रहे।









