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एमसीबीयू में यूएनओ मॉडल के तहत कॉप 28 एवं एआईपीपीएम का हुआ भव्य कार्यक्रम

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कॉप 28 प्रतियोगिता में श्रेया चनपुरिया ने तथा एआइपीपीएम में अंकिता शुक्ला ने प्रथम स्थान प्राप्त किया
छतरपुर। महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय छतरपुर में यूजीसी द्वारा जारी आदेशानुसार युवा मंथन कार्यक्रम के अंतर्गत यूएनओ मॉडल कॉप 28 एवं एआईपीपीएम के प्रतिनिधियों का कार्यक्रम कुलपति प्रो शुभा तिवारी के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ। विजेताओं को प्रमाण-पत्र एवं शील्ड से पुरस्कृत किया गया। उद्घाटन अवसर पर प्रतिकुलपति प्रो डी पी शुक्ला मुख्य अतिथि, अध्यक्ष डॉ ओ पी अरजरिया डीसीडीसी, यूजीसी प्रभारी प्रो पी के जैन, युवा मंथन कार्यक्रम प्रभारी प्रो कल्पना वैश्य एवं डॉ विभा वासुदेव मंचासीन रहे। मीडिया समिति सदस्य द्वय डॉ एन के पटेल और डॉ देवेन्द्र कुमार प्रजापति ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र संघ का पहला कार्यक्रम कॉप 28 का आयोजन किया गया। यूएनओ मॉडल वास्तविक संयुक्त राष्ट्र समितियों का अनुकरण या भूमिका-अभिनय पर आधारित है जिसमें जलवायु कार्रवाई, ग्लोबल वार्मिंग, सतत विकास, पर्यावरणीय समस्याओं और समाधानों पर ध्यान पर केंद्रित किया गया है। यूएनओ की बैठक में भारत सरकार के प्रस्ताव वित्तीय संस्थानों एवं निजी क्षेत्रों को संगठित करने के उद्देश्य से ग्रीन क्रेडिट पहल की शुरुआत हो, जैसे निर्णय सर्वसम्मति से पारित हुआ। अन्य पारित निर्णयों में जलवायु परिवर्तन से निपटने में महिलाओं के नेतृत्व को आगे बढ़ाने के महत्व पर जोर दिया जाय तथा परमाणु ऊर्जा को संभावित ऊर्जा स्रोत के रूप में स्वीकारता तथा परमाणु सुरक्षा सुनिश्चित करना जैसे निर्माण शामिल हैं। इस मॉडल में श्रेया चनपुरिया, अरुण प्रताप सिंह, पलक भार्गव, आयुषी अग्रवाल, विशाल पाठक, माही अवस्थी, अंकिता शुक्ला, अंकिता चतुर्वेदी, लक्ष्मी द्विवेदी, रितिका पाठक, प्रांशु गुप्ता, सत्यम खरे, निहारिका जोशी विभिन्न देशों का प्रतिनिधित्व किया। कॉप 28 सम्मेलन में निर्णायक के रूप में डॉ अर्चना शर्मा, डॉ विभा वासुदेव तथा डॉ कल्पना वैश्य उपस्थित रहीं। कॉप 28 में श्रेया चनपुरिया ने प्रथम, सत्यम खरे द्वितीय तथा विशाल पाठक ने तृतीय स्थान प्राप्त किया ऑल इंडिया पॉलिटीकल पार्टी मीट में जनसंख्या नियंत्रण के महत्व की पुष्टि करते हुए पृथ्वी की वहन क्षमता की अवधारणा को प्राथमिकता देना, ईको-टूरिज्म और सतत व संपोषणीय विकास तथा स्वच्छ और टिकाऊ ऊर्जा स्रोत के रूप में हाइड्रोजन क्षमता के लिए आश्वस्त करने जैसे निर्णय सर्वसम्मति से पारित हुए। इस कार्यक्रम में सत्यम खरे, अरुण प्रताप सिंह, योगेश तिवारी, आदर्श चतुर्वेदी, अंकिता शुक्ला, माही अवस्थी, श्रेया चनपुरिया, प्रियांशी तिवारी, आयुषी अग्रवाल, धीरज अनुरागी, सेबी खातून, विशाल पाठक, रितिका पाठक, दयाशंकर अहिरवार अध्यक्ष, पलक भार्गव, कौशलेश तिवारी, प्रांशु गुप्ता, कैलाश साहू ने देश के विभिन्न राज्यों का प्रतिनिधित्व के तौर पर भूमिका निभाई। एआइपीपीएम में निर्णायक डॉ रेखा शुक्ला, डॉ गीता दुबे तथा डॉ गिरिजेश जुयाल रहे। एआइपीपीएम प्रतियोगिता में अंकिता शुक्ला ने प्रथम, प्रियांशु तिवारी ने द्वितीय तथा पलक भार्गव व माही अवस्थी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। समापन समारोह में मुख्य अतिथि अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ आर के पांडेय, यूजीसी प्रभारी डॉ पी के जैन, अध्यक्षता की परीक्षा नियंत्रक डॉ ममता बाजपेई, संचालक शारीरिक शिक्षा डॉ बी पी सिंह गौर, कार्यक्रम प्रभारी डॉ कल्पना वैश्य, सहायक कुलसचिव राकेश कुमार चढ़ार मंचासीन रहे। अंत में सहायक कुलसचिव राकेश कुमार चढ़ार ने हार्दिक आभार व्यक्त किया।

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