
मां के द्वारा दूसरा विवाह करने के बाद अदालत का फैस
छतरपुर। छतरपुर के कुुटुम्ब न्यायालय ने अदालत में विचाराधीन एक फैसले की सुनवाई करते हुए फैसला दिया है कि मां के द्वारा पुनर्विवाह किए जाने के कारण उसके बच्चों की कस्टडी स्वर्गीय हो चुके पहले पति के पिता के पास रहेगी। मामला छतरपुर के सीताराम कॉलोनी इलाके से जुड़ा है।
ये था मामला
जानकारी के मुताबिक छतरपुर के सीताराम कॉलोनी में रहने वाले राघवेन्द्र शर्मा का विवाह अलीगढ़ उप्र की निवासी गीता शर्मा के साथ 9 मार्च 2008 को हुआ था। इनके दो बच्चे हैं पुत्र 6 वर्षीय मधुर और पुत्री 11 वर्षीय भूमिका है। विवाह के लगभग 6 साल बाद ही 2014 में एक सड़क हादसे में राघवेन्द्र शर्मा का निधन हो गया था। इसके बाद राघवेन्द्र की पत्नि गीता ने अपने मायके पक्ष के कहने पर अलीगढ़ निवासी दिलीप शर्मा के साथ 2020 में दूसरा विवाह कर लिया था। इस मामले राघवेन्द्र के पिता गिरप्रसाद शर्मा ने अदालत में पक्ष रखा था कि उसके बेटे की संतानों की सुरक्षा और पालन-पोषण मां के साथ उसके नए पति के द्वारा नहीं हो सकती इसलिए बच्चों की कस्टडी उन्हें सौंपी जाए।
अदालत में चली लंबी सुनवाई के बाद इस मामले में फैसला सामने आया है। अदालत ने नाती और नातिन की सुरक्षा और पालन-पोषण के लिए उनके दादा गिरप्रसाद शर्मा को नियुक्त किया है। अदालत ने माना कि महिला के द्वारा दूसरा विवाह कर लेने से बच्चों की संरक्षा उसके पास उचित नहीं है इसलिए दादा को ही संरक्षण नियुक्त किया जाता है।









