टीकमगढ़। आंखे नम, मां बाप से बिछुडऩे का गम…चेहरे पर साजन घर जाने की खुशी…खुशी और रंज का मिलाजुला संगम…कर सोलह सिंगार बेटियां अपनी-अपनी ससुराल को विदा हुई। माता-पिता सहित संबन्धीजनों ने किया बेटियों का विदा..। बेटियों के सामूहिक विवाह के मौके पर मौजूद अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी बेटियों को आशीर्वाद व उपहार भेंट कर हरसंभव सहयोग किया। इसमें पुलिस कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। यह अवसर था अक्षय तृतीया पर हुए सामूहिक कन्या विवाह का। आयोजन में जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी ने चार चांद लगा दिए। बताया गया है कि जिले में महिला सुरक्षा, सम्मान और समानता को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई के नेतृत्व में जिला स्तरीय अभियान निरंतर संचालित किया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत सहारा अभियान के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर कन्याओं के विवाह में जनसहयोग से सहयोग प्रदान कर उन्हें सम्मानपूर्वक वैवाहिक जीवन की नई शुरुआत दिलाई जा रही है। अब तक जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कुल 238 कन्या विवाह कार्यक्रमों में टीकमगढ़ पुलिस की सक्रिय सहभागिता से विवाह सफलतापूर्वक संपन्न कराए जा चुके हैं। इसी क्रम में दिनांक 19 अप्रैल 2026 को पावन पर्व अक्षय तृतीया के अवसर पर थाना लिधोरा अंतर्गत ग्राम छिपरी स्थित शारदा मंदिर मातृ धाम में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत 103 जोड़ों का भव्य सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित किया गया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में एसडीओपी जतारा अभिषेक गौतम सहित थाना प्रभारी दिगौड़ा निरीक्षक मनीष मिश्रा, थाना प्रभारी चंदेरा उप निरीक्षक रश्मि जैन, थाना प्रभारी मोहनगढ़ उप निरीक्षक अंकित दुबे तथा थाना प्रभारी लिधौरा अपने पुलिस बल के साथ कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। पुलिस अधिकारियों एवं जनसहयोग से सभी 103 नवविवाहित जोड़ों को उपहार भेंट कर उनके उज्ज्वल भविष्य और सुखद वैवाहिक जीवन की मंगलकामनाएं दी गईं। इस अवसर पर माननीय विधायक हरिशंकर खटीक ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए बताया कि पुलिस अधीक्षक द्वारा नीड़, परी, भरोसा, सहारा, आसरा जैसे नवाचार अभियानों के माध्यम से महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने का सराहनीय प्रयास किया जा रहा है।
पुलिस अधीक्षक का संदेश-
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई ने अपने संदेश में कहा कि समाज की वास्तविक प्रगति तभी संभव है जब बेटियों को सुरक्षा, सम्मान और समान अवसर प्राप्त हों। उन्होंने कहा कि सहारा अभियान केवल एक पहल नहींए बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग को साथ लेकर जरूरतमंद परिवारों के जीवन में खुशियां लाने का एक संवेदनशील प्रयास है। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे बेटियों के अधिकारों की रक्षा के लिए आगे आएंए बाल विवाह जैसी कुरीतियों को समाप्त करने में सहयोग करें और महिलाओं के प्रति सम्मानजनक व्यवहार को अपनी जिम्मेदारी बनाएं। कार्यक्रम के दौरान टीकमगढ़ पुलिस के अधिकारियों ने उपस्थित नागरिकों को महिला सुरक्षा एवं जागरूकता से संबंधित विभिन्न अभियानों की जानकारी प्रदान की तथा समाज से इन पहलों में सक्रिय सहभागिता की अपील की। यह आयोजन न केवल सामाजिक समरसता और सहयोग का प्रतीक बनाए बल्कि जरूरतमंद परिवारों के जीवन में खुशियों का संचार करते हुए एक सकारात्मक संदेश भी देता है कि समाज और प्रशासन मिलकर हर बेटी के सम्मानजनक भविष्य की मजबूत नींव रख सकते हैं।









