मनकारी निवासी हृदेश पटेल ने बताया कि यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब वे लोग हैंडपंप निकाल रहे थे। इसी दौरान आरोपी पक्ष ने गाली-गलौज शुरू कर दी और जब उसके पिता राकेश पटेल ने इसका विरोध किया, तो आठ लोगों ने मिलकर लाठी-डंडों से उन पर जानलेवा हमला कर दिया। गंभीर हालत में राकेश पटेल को ग्वालियर ले जाया जा रहा था, लेकिन उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। परिजनों का आरोप है कि महाराजपुर पुलिस इस मामले में ढुलमुल रवैया अपना रही है। पकड़े गए आरोपियों में से भी कुछ को छोड़ दिया गया है। वर्तमान में आरोपी हरनारायण, राघवेंद्र, शिवम, अंशुल और अंकित जैसे आरोपी फरार हैं, जो हाथ में कट्टा लेकर परिवार को धमका रहे हैं कि यदि राजीनामा नहीं किया, तो उनका भी वही हश्र होगा जो उनके पिता का हुआ है। परिवार ने प्रशासन से मांग की है कि यदि समय रहते कड़ी कार्यवाही नहीं हुई, तो गांव में एक और बड़ी अनहोनी हो सकती है।









