
छतरपुर। मध्यप्रदेश में कोरोना की नई लहर की आहट के बीच छतरपुर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। देश और प्रदेश में कोविड के बढ़ते मामलों को देखते हुए जिला प्रशासन ने अस्पतालों में कोविड वार्ड, ऑक्सीजन सुविधा और आरटी-पीसीआर जांच की व्यवस्थाएं चाक-चौबंद कर ली हैं। मॉक ड्रिल के साथ ऑक्सीजन प्लांट की कार्यक्षमता भी जांच ली गई है। हाल ही में केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने भी जिला अस्पताल का निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दिए थे।
स्वास्थ्य विभाग की तैयारियां
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेंद्र प्रसाद गुप्ता ने बताया कि छतरपुर कलेक्टर के निर्देश पर जिला अस्पताल में कोविड के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। आईसीयू वार्ड में 15 बेड, 12 बेड वार्ड वार्ड और 18 बेड मेल वार्ड में ऑक्सीजन युक्त इमरजेंसी सुविधा तैयार की गई है। डॉ. गुप्ता ने कहा कि इस बार आरटी-पीसीआर जांच के लिए मरीजों को सागर नहीं जाना पड़ेगा, क्योंकि जिला अस्पताल में ही जांच की व्यवस्था शुरू की जा रही है। इसके लिए लैब टेक्नीशियनों को प्रशिक्षण दिया गया है। सीएमएचओ ने बताया कि जिले में दो ऑक्सीजन प्लांट, एक 1000 लीटर तथा दूसरा 850 लीटर क्षमता का और एक एलएमओ प्लांट सुचारू रूप से कार्यरत हैं। मॉक ड्रिल के दौरान इनकी कार्यक्षमता की जांच की गई, और ऑक्सीजन की कमी की स्थिति नहीं होगी। दवाइयों सहित सभी आवश्यक सामग्रियों की व्यवस्था पूरी कर ली गई है। जिले में 200 बेड की कुल व्यवस्था की गई है, और सितंबर तक नया अस्पताल भवन शुरू होने की उम्मीद है। डॉ. गुप्ता ने जनता से अपील की कि भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क का उपयोग करें और सर्दी, जुकाम या खांसी जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत अस्पताल में डॉक्टर से सलाह लें। उन्होंने बताया कि अभी तक छतरपुर जिले में कोई कोविड केस नहीं मिला है, लेकिन प्रशासन किसी भी स्थिति के लिए तैयार है। लक्षण वाले मरीजों की तत्काल जांच और शासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार उपचार की व्यवस्था है।








