
।छतरपुर। महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय छतरपुर के आईटी सेल विभाग द्वारा ऑनलाइन लाइब्रेरी का उपयोग कैसे करें विषय पर आयोजित सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला के पाँचवे दिवस पर शोध कार्य की दिशा में सत्र संपन्न हुआ। कुलगुरु प्रो. शुभा तिवारी के संरक्षण में तथा पीएम ऊषा योजना के तत्वाधान में आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य शोधार्थियों और विद्यार्थियों को उन्नत ऑनलाइन संसाधनों के उपयोग में दक्ष बनाना है। कार्यशाला के पाँचवे दिवस के मुख्य वक्ता डॉ. के. बी. अहिरवार, सहायक प्राध्यापक, अंग्रेजी एमसीबीयू, छतरपुर (म. प्र.) ने मंच की शोभा बढ़ाई। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की पुष्प अर्चना के साथ हुआ, तत्पश्चात अतिथियों का पुष्प गुच्छ से स्वागत किया गया। कार्यशाला के प्रथम सत्र में डॉ. के. बी. अहिरवार ने एनएएसएसडीओसी,आईसीएसएसआर के बारे में विस्तृत व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि शोधार्थी एवं विद्यार्थी साहित्यिक चोरी के प्रकार एवं उससे बचने के उपायों के बरीकियों को विस्तार से बताया। द्वितीय सत्र में विद्यार्थियों के प्रश्नों का उत्तर देने के साथ-साथ फीडबैक लिया गया। शोधार्थियों एवं विद्यार्थीयों ने ऑनलाइन संसाधनों तथा वेबसाईट से संबंधित अपनी जिज्ञासाओं को साझा किया और विशेषज्ञ से मार्गदर्शन प्राप्त किया। तृतीय सत्र में विद्यार्थियों को प्रायोगिक प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें उन्हें शोध नैतिकता के बारे में बताया जिसमे विद्यार्थीयों को ईमानदारी, निष्पक्षता और पारदर्शिता के तरीकों को विस्तार से समझाया गया। कार्यक्रम संयोजक हिमांशु अग्रवाल ने बताया कि आज की यह कार्यशाला छात्रों और शोधार्थियों के लिए बहुत ही सार्थकसिद्ध होगा, जहाँ वे शोध कार्य एवं साहित्यिक चोरी के विषय में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इस कार्यक्रम के सफल संचालन में राजकुमार विश्वकर्मा, कुलदीप पाठक, दीप्ति खरे, अंकित शुक्ला, प्रीति वर्मा, सरिफ्ता बानो, ब्रजेश चतुर्वेदी, राहुल अग्रहरि और अनिल पटेल का विशेष योगदान रहा। साकेत सोनी, नरेश राजपूत, अदिति सुहाने और सोविंद रैकवार ने तकनीकी सहयोग प्रदान किया। विभाग के सभी शिक्षकों ने शोधार्थियों और विद्यार्थियों से इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यशाला का अधिकतम लाभ उठाने का आग्रह किया। कार्यक्रम का संचालन प्रीति वर्मा द्वारा किया गया।









