
पिड़पा गांव के ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक को सौंपा ज्ञापन
छतरपुर। शुक्रवार की शाम गढ़ीमलहरा थाना क्षेत्र में एक युवक पर गोलीबारी का मामला सामने आया था। घायल व्यक्ति का कहना था कि हत्या के मामले में उसकी गवाही को रोकने के लिए पिड़पा गांव के 4 लोगों ने उस पर गोलियां चलाई हैं, लेकिन अब इस मामले का दूसरा पक्ष सामने आया है, जिसका दावा है कि घायल व्यक्ति द्वारा लगाए गए आरोप झूठे हैं और वह स्वयं को गोली मारकर निर्दोष लोगों को फंसाने का प्रयास कर रहा है।शनिवार की दोपहर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे पिड़पा गांव के ग्रामीणों ने ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि मूलत: उत्तरप्रदेश के रहने वाले पुष्पेन्द्र सिंह द्वारा पिड़पा निवासी लोकेंद्र यादव, गोपाल यादव, अरविंद यादव और सचिन यादव पर गोली मारने के आरोप लगाए गए हैं, जो कि झूठे हैं। पिड़पा निवासी रश्मि यादव ने बताया कि पुष्पेंद्र सिंह ने स्वयं को गोली मारने के बाद उक्त लोगों पर झूठा आरोप लगाया है। रश्मि के मुताबिक करीब 3 साल पहले उसके भाई महेश यादव की साहब राजा और राणा राजा ने गोली मारकर हत्या कर दी थी, उसी मामले में राजीनामा का दबाव बनाने के लिए यह षडयंत्र रचा गया है। वहीं पिड़पा निवासी मीना यादव ने बताया कि 3 साल पहले उसके पति की हत्या की गई थी। उक्त मामले में शुक्रवार को उसका देवर और पुत्र न्यायालय में बयान देने गया था और शाम करीब साढ़े 4 बजे वापिस लौटे थे। पुष्पेन्द्र सिंह ने स्वयं को गोली मारकर उसके पुत्र और देवर पर झूठे आरोप लगाए हैं। रश्मि, मीना यादव के साथ पिड़पा गांव के करीब तीन दर्जन लोगों ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की है।पुष्पेन्द्र सिंह ने लगाए थे यह आरोपउल्लेखनीय है कि शुक्रवार को पुष्पेन्द्र सिंह पुत्र भगवत सिंह उम्र 40 साल निवासी ग्राम बमनौरा थाना अजनर जिला महोबा उत्तरप्रदेश हाल निवास ग्राम पिड़पा ने गांव के गोपाल सिंह, लोकेन्द्र सिंह, अरविंद सिंह और सचिन द्वारा उसे गोली मारे जाने के आरोप लगाए थे। पुष्पेन्द्र सिंह का कहना था कि कुछ साल पहले पिड़पा निवासी गोपाल सिंह ने राजेन्द्र सिंह के पुत्र हल्के राजा की हत्या की थी। इस मामले में वह न्यायालय में गवाही देने वाला है। शुक्रवार की शाम को वह ग्राम निवारी से पिड़पा जा रहा था तभी रास्ते में खबरी घटवा के आगे क्रेशर पहाड़ी के पास गोपाल सिंह, लोकेन्द्र सिंह, अरविंद सिंह और सचिन ने उसे रोककर गवाही न देने की बात कही। जब पुष्पेन्द्र सिंह ने उनकी बात नहीं मानी तो गोपाल सिंह और लोकेन्द्र सिंह ने अपने पास मौजूद कट्टे से उसके हाथ और पैर में गोली मार दी।इनका कहनापुष्पेन्द्र सिंह की शिकायत पर गोलीबारी के मामले में चार लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई है। चारों आरोपियों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है, चूंकि मामला संदिग्ध है इसलिए गंभीरता से जांच की जा रही है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।सुरभि शर्मा, थाना प्रभारी, गढ़ीमलहरा









