छतरपुर। शहर के चित्रगुप्त मंदिर में कायस्थ समाज द्वारा भगवान चित्रगुप्त का प्रकटोत्सव बड़े ही हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इस वर्ष के आयोजन की विशेष बात यह है कि समाज ने उत्सव के स्वरूप को विस्तार देते हुए इसे पांच दिवसीय बना दिया है।
अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के संभागीय अध्यक्ष आदित्य कुमार सक्सेना ने बताया कि भगवान चित्रगुप्त का प्रकटोत्सव प्रतिवर्ष गंगा सप्तमी के शुभ अवसर पर मनाया जाता है, जिसे लेकर समाज के हर वर्ग में भारी उत्साह है। पांच दिवसीय कार्यक्रमों की श्रृंखला में 19 अप्रैल को मंदिर परिसर में प्रतिमा स्थापना के साथ उत्सव का विधि-विधान से शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम के दूसरे दिन, यानी 20 अप्रैल को भव्य ‘परिचय सम्मेलन’ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में समाज के लोग एकत्रित हुए, जहाँ पारिवारिक और सामाजिक मेल-मिलाप के साथ-साथ युवाओं के परिचय की औपचारिकताएं भी संपन्न हुईं।
बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम आज, 22 को लगेंगे छप्पन भोग
आगामी कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए आदित्य कुमार सक्सेना ने बताया कि 21 अप्रैल को बच्चों के लिए विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रमों का मंच सजेगा, जिसमें वे अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। 22 अप्रैल को भगवान को छप्पन भोग अर्पित किए जाएंगे और इसी दिन समाज की विशिष्ट विभूतियों का सम्मान समारोह भी आयोजित होगा। उत्सव का मुख्य आकर्षण 23 अप्रैल को निकलने वाली भव्य शोभायात्रा होगी। यह यात्रा चित्रगुप्त मंदिर से प्रारंभ होकर शहर के चित्रगुप्त मंदिर से महल तिराहा, छत्रसाल चौक, चौबे तिराहा, बस स्टैंड, हटवारा और चौक बाजार से होते हुए पुनः मंदिर परिसर पहुंचेगी। शोभायात्रा की भव्यता को लेकर समाज द्वारा व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं, जिसमें विभिन्न आकर्षक झांकियां भी शामिल रहेंगी।









