छतरपुर। पुलिस ने तकनीक और तत्परता का अनूठा उदाहरण पेश करते हुए एक बार फिर आम जनता का भरोसा जीतने में बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस अधीक्षक श्री अगम जैन के निर्देशन में चलाए जा रहे ऑपरेशन विश्वास के तहत सायबर सेल और थानों की संयुक्त टीम ने मार्च माह में 106 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इस बड़ी कार्रवाई का सार उस पुलिसिया मुस्तैदी में छिपा है, जिसने दिल्ली और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों तक जाल बिछाकर लोगों की मेहनत की कमाई के स्मार्टफोन्स को वापस उनके असली मालिकों तक पहुँचाया।छतरपुर सायबर सेल ने मार्च के महीने में बरामद किए गए 106 मोबाइलों की कुल कीमत लगभग 16 लाख आंकी है। ये मोबाइल केवल स्थानीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि दिल्ली, लखनऊ, महोबा, झाँसी, बाँदा (उत्तर प्रदेश), टीकमगढ़, सागर और पन्ना जैसे सुदूर इलाकों से कड़ी मशक्कत के बाद ट्रैक किए गए। पुलिस की इस सफलता ने यह साबित कर दिया है कि आधुनिक तकनीक और सही दिशा में किए गए प्रयास अपराधियों और गुमशुदा संपत्ति तक पहुँचने में कितने कारगर हैं।अब तक 70 लाख के मोबाइल खोजेऑपरेशन विश्वास के तहत साल 2026 अब तक छतरपुर पुलिस के लिए बेहद सफल रहा है। आंकड़ों पर गौर करें तो इस वर्ष अब तक कुल 406 से अधिक मोबाइल फोन बरामद कर उनके स्वामियों को सौंपे जा चुके हैं, जिनकी सामूहिक कीमत करीब 70 लाख है। सबसे सुखद पहलू यह है कि ये मोबाइल समाज के हर वर्ग- चाहे वे छात्र-छात्राएं हों, मजदूर हों, एनजीओ कर्मचारी हों, किसान हों या गृहणियां से संबंधित थे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री आदित्य पटले के मार्गदर्शन और सायबर सेल प्रभारी नेहा सिंह गुर्जर व उनकी टीम की इस कार्यप्रणाली ने जनता के बीच पुलिस की छवि को मित्र पुलिस के रूप में और अधिक पुख्ता किया है।










