खजुराहो। पर्यटन नगरी खजुराहो में आयोजित तीन दिवसीय महाशिवरात्रि मेले के समापन दिवस पर बुंदेली संस्कृति और लोककला की अद्भुत छटा बिखरी। मेले के तीसरे दिन आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम पूरी तरह बुंदेलखंड की माटी के नाम रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ राजनगर विधायक अरविंद पटेरिया, नगर परिषद अध्यक्ष अरुण कुमार उर्फ पप्पू अवस्थी और सीएमओ बसंत चतुर्वेदी ने माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर किया।
सांस्कृतिक मंच पर जैसे ही प्रख्यात बुंदेली कलाकार जित्तू खरे बादल ने अपनी प्रस्तुति दी, पूरा पाहिल वाटिका प्रांगण तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। जित्तू खरे ने अपने पारंपरिक लोकगीतों और अनूठे बुंदेली अंदाज से देर रात तक दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी प्रस्तुतियों में बुंदेलखंड के लोकजीवन की झलक साफ दिखाई दी, जिस पर दर्शक झूमते नजर आए। इस अवसर पर आयोजकों द्वारा जित्तू खरे बादल को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। सांस्कृतिक संध्या के दौरान सम्मान की त्रिवेणी भी देखने को मिली। मेले को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले खजुराहो थाना प्रभारी प्रशांत कुमार सेन और उनके पूरे पुलिस बल का विशेष रूप से सम्मान किया गया। साथ ही क्षेत्र के प्रतिष्ठित समाजसेवियों को भी मंच से सम्मानित किया गया। विधायक अरविंद पटेरिया ने अपने संबोधन में कहा कि महाशिवरात्रि मेला हमारी धार्मिक आस्था के साथ-साथ हमारी समृद्ध लोकसंस्कृति का भी प्रतीक है। उन्होंने स्थानीय कलाकारों को मंच देने के लिए नगर परिषद के प्रयासों की सराहना की। समापन अवसर पर नगर परिषद उपाध्यक्ष प्रतिनिधि श्रीमती बिट्टी बाई आशाराम पाल, व्यापारी संघ अध्यक्ष नरेश सोनी, गौरव अग्रवाल, कपिल सोनी सहित अनेक जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन वरिष्ठ पत्रकार राजीव शुक्ला द्वारा किया गया। अंत में नगर परिषद सीएमओ बसंत चतुर्वेदी ने सभी अतिथियों, कलाकारों और पुलिस प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए मेले के सफल आयोजन के लिए नगरवासियों को बधाई दी। बुंदेली लोकधुनों और सम्मान समारोह के साथ इस वर्ष के महाशिवरात्रि मेले का यादगार समापन हुआ।










