छतरपुर। छतरपुर शहर के बस स्टैंड पर बस चालकों और मालिकों की मनमानी ने एक बार फिर स्थानीय दुकानदारों और आम नागरिकों को परेशान कर दिया है। दुकानदारों का आरोप है कि बस मालिकों को केवल कमाई से मतलब है, यात्रियों की जान-माल की सुरक्षा से नहीं। बसें निर्धारित स्थान पर पार्क करने के बजाय दुकानों के ठीक सामने मनमाने ढंग से खड़ी कर दी जाती हैं, जिससे सड़क पर जाम की स्थिति बन जाती है और आम लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि बस स्टैंड के लिए प्रशासन द्वारा एक उचित और निर्धारित स्थान आवंटित किया गया है, लेकिन बस चालक अपनी मर्जी से बसें लगाते हैं। इससे बाजार क्षेत्र में ट्रैफिक जाम लगना आम बात हो गई है। कई घंटे पहले ही बसें स्टैंड पर पहुंचकर खड़ी हो जाती हैं, जिससे छोटे बस स्टैंड में जगह कम पड़ जाती है। दुकानदारों की प्रमुख शिकायत है कि ग्राहकों के लिए मोटरसाइकिल पार्क करने की जगह तक नहीं बच पाती, नतीजतन ग्राहक सामान खरीदने से कतराते हैं और उनका कारोबार प्रभावित होता है।दुकानदारों ने आगे बताया कि बस यूनियन की ओर से ट्रैफिक पुलिस के साथ एक बैठक भी आयोजित की गई थी, जिसमें चालकों को सख्त हिदायत दी गई थी कि बसें केवल निर्धारित स्थान पर ही पार्क की जाएं। लेकिन बैठक के बावजूद यहां लापरवाही जारी है। एक दुकानदार ने कहा, बस मालिकों की कमाई के चक्कर में हमारी दुकानों के सामने बसें खड़ी कर दी जाती हैं। ग्राहक आते हैं तो जगह नहीं मिलती, वे लौट जाते हैं। प्रशासन को इस पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।यह समस्या छतरपुर बस स्टैंड पर लंबे समय से चली आ रही है। पहले भी कई बार अवैध पार्किंग, अतिक्रमण और ट्रैफिक जाम की शिकायतें सामने आ चुकी हैं, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकला। स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं कि प्रशासन बस मालिकों और चालकों पर सख्ती बरते, निर्धारित पार्किंग नियमों का पालन करवाए और बस स्टैंड की व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए ताकि यात्रियों और दुकानदारों को राहत मिल सके।










