गढ़ीमलहरा। नगर के घनी आबादी वाले रिहायशी इलाकों में बंदरों की बढ़ती संख्या ने आमजन का जीवन संकट में डाल दिया है। बीच शहर में अचानक बंदरों की संख्या में हुई वृद्धि से लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। स्थानीय निवासी रोजाना इस समस्या से जूझ रहे हैं और अब उन्होंने नगर पालिका से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।नागरिकों के अनुसार बंदर घरों की छतों पर रखी पानी की टंकियों को उखाड़ फेंकते हैं, बिजली के तारों को नुकसान पहुंचाते हैं और अन्य घरेलू सामान को बर्बाद कर देते हैं। कई बार तो वे बच्चों और बुजुर्गों पर हमला करने की कोशिश भी करते हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ है। लोग बताते हैं कि यह समस्या अब केवल असुविधा की नहीं रही, बल्कि यह जन-सुरक्षा से जुड़ा गंभीर खतरा बन चुकी है।क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि समय रहते इन बंदरों को पकड़कर किसी सुरक्षित वन क्षेत्र या उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित नहीं किया गया, तो कोई बड़ी दुर्घटना होने की आशंका बनी हुई है। इस संबंध में परेशान नागरिकों ने नगर परिषद अधिकारियों को ऑनलाइन आवेदन देकर शीघ्र कार्रवाई की गुहार लगाई है।आवेदन में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि बंदरों का यह आतंक अब केवल परेशानी नहीं, बल्कि लोगों की जान-माल की सुरक्षा का मामला है। निवासियों ने नगर प्रशासन से आग्रह किया है कि तत्काल ठोस कदम उठाकर इस समस्या का समाधान किया जाए, ताकि क्षेत्र में फिर से शांति और सुरक्षा का माहौल बहाल हो सके।










