छतरपुर। जिला मुख्यालय के समीपी ग्राम निवारी और ढड़ारी गांव में फोरलेन निर्माण के नाम पर किए जा रहे अवैध उत्खनन के मामले में प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिला कलेक्टर के निर्देश पर खनिज विभाग ने एमकेसी कंपनी के संचालक के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर भारी जुर्माने की कार्यवाही प्रस्तावित की है। हालांकि, शासकीय शिकंजा कसने और मामला न्यायालय में पहुँचने के बावजूद क्षेत्र में मशीनों की गर्जना थमी नहीं है, जिससे प्रशासनिक तंत्र की सख्ती पर सवाल खड़े हो रहे हैं।उल्लेखनीय है कि निवारी और ढड़ारी क्षेत्र में एमकेसी कंपनी द्वारा बिना किसी वैध स्वीकृति के बड़े पैमाने पर मुरम का उत्खनन और परिवहन किया जा रहा था। खनिज विभाग की जांच रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने कंपनी संचालक को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। सरकारी आकलन के मुताबिक निवारी गांव में करीब 16 लाख और ढड़ारी गांव में 34 लाख रुपये की मुरम अवैध रूप से निकाली गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि कंपनी ने बच्चों के खेल मैदान की भूमि को भी नहीं बख्शा और वहां से रात के अंधेरे में मुरम चोरी की गई। इस पूरे मामले में अनुविभागीय अधिकारी अखिल राठौर का कहना है कि प्रकरण दर्ज होने के बाद भी यदि उत्खनन कार्य जारी है, तो जल्द ही मशीनों को जब्त कर और भी कड़ी दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी।










