छतरपुर। गौसेवक मैत्री संघ ने मंगलवार को जनसुनवाई के माध्यम से कलेक्टर छतरपुर को आवेदन देकर अपनी नियुक्ति सुनिश्चित करने और नियमित मासिक मानदेय देने की मांग की है। आवेदन में बताया गया कि गौसेवक मैत्री पिछले 20 से 22 वर्षों से पशुपालन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में कृत्रिम गर्भाधान, टीकाकरण, वदियाकरण, प्राथमिक उपचार सहित सरकार की किसान हितैषी योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करने का कार्य कर रहे हैं।संघ के जिलाध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह ने कहा कि लंबे समय से सेवाएं देने के बावजूद अब तक सरकार एवं विभाग द्वारा गौसेवक मैत्री के भविष्य को लेकर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इसी के चलते संघ ने चेतावनी दी है कि 17 दिसंबर से पशुपालन विभाग द्वारा कराए जा रहे सभी ऑनलाइन कार्य बंद कर दिए जाएंगे। जब तक नियमित मासिक मानदेय अथवा भविष्य को लेकर निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक कार्य बंद रहेगा। गौसेवक मैत्री संघ ने कहा कि 22 दिसम्बर 25 को उपसंचालक द्वारा जारी उस नोटिस पर भी आपत्ति जताई है, जिसमें किट, प्रमाण पत्र और सिलेंडर वापस करने के निर्देश दिए गए हैं। संघ ने इस नोटिस को तत्काल वापस लेने की मांग की है।इसके साथ ही संघ के सदस्यों ने कहा कि दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान के अंतर्गत प्रति घर दी जा रही 5 रुपये की राशि को बढ़ाकर 50 से 100 रुपये करने की मांग की गई है। गौसेवक मैत्री का कहना है कि एक घर तक पहुंचने में 50 से 100 रुपये तक पेट्रोल खर्च होता है और 30 से 50 मिनट का समय लगता है, ऐसे में 5 रुपये की राशि बेहद कम है। अंत में संघ ने कलेक्टर से गौसेवक मैत्री और उनके परिवारों की स्थिति को देखते हुए उचित व न्यायसंगत निर्णय लेने की उम्मीद जताई है। इस अवसर पर रविन्द्र शिवहरे, मोहनलाल पटेल, शिवम सक्सेना, कृष्ण कुमार, धरम सिंह यादव, अरूण पटेल, अंगद कुमार प्रजापति, बाबूलाल, दीपेन्द्र पटेल, चन्द्रभूषण बाजपेयी सहित दर्जनों लोग मौजूद रहे।










