छतरपुर। बिजावर विधानसभा के पिपट थानांतर्गत जमुनियापुरवा गांव की पिपट सेवा सहकारी समिति की शासकीय उचित मूल्य की दुकान पर गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। सेल्समैन बबलू दीक्षित पर ग्रामीणों ने कम तौलकर राशन देने, मशीन से मैसेज न भेजने और प्रति व्यक्ति 10 वसूली जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह खेल कई वर्षों से चल रहा है, लेकिन शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होती।सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें दुकान के बाहर तीन इलेक्ट्रॉनिक कांटे रखे नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों ने कई बोरियों की तौल कर वीडियो बनाया। एक तराजू पर गेहूं की बोरी का वजन 24.770 किलो, दूसरे पर 25.200 किलो और तीसरे पर 24.600 किलो दिखा। ग्रामीणों के अनुसार प्रति व्यक्ति 700 से 800 ग्राम तक राशन कम दिया जा रहा है। कई परिवारों ने बताया कि पिछले महीने उन्हें सिर्फ 4 किलो गेहूं मिला।ग्रामीण जीतेंद्र सिंह बुंदेला ने बताया कि वे जब राशन लेने पहुंचे तो तीनों कांटों में अंतर पाए गए। हर परमिट धारक से मजदूरी के नाम पर 10 भी वसूले जाते हैं। लोगों का कहना है कि मशीन खराब बताकर मैसेज नहीं भेजे जाते, जिससे यह पता नहीं चल पाता कि किसे कितना राशन मिला। जानकारी मांगे जाने पर भी सेल्समैन स्पष्ट जानकारी नहीं देता।ग्रामीणों का आरोप है कि दुकान संचालक को क्षेत्रीय नेताओं का संरक्षण मिलने के कारण प्रशासन कार्रवाई करने से बचता है। पहले भी कई बार शिकायत की गई, विरोध भी हुआ, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। अब वीडियो सामने आने के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की है।










