छतरपुर। शहर के एक धार्मिक स्थल पर आज सुबह मुरली वाचन के दौरान एक दुखद घटना सामने आई, जहाँ एक 65 वर्षीय वृद्ध श्रद्धालु की अचानक तबीयत बिगडऩे से मौत हो गई। श्रद्धालु, जो नियमित रूप से आश्रम में शामिल होते थे, उन्हें सीने में तेज दर्द की शिकायत हुई, जिसके बाद उन्हें तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार शुरू किया, लेकिन अटैक की तीव्रता अधिक होने के कारण इलाज के दौरान ही उन्होंने अंतिम सांस ली। इस दुखद निधन से आश्रम परिवार और उनके साथियों में शोक की लहर है।
गढ़ीमलहरा निवासी हरिश्चंद्र अहिरवार (उम्र 65 वर्ष) की आज गुरूवार को ब्रह्माकुमारी आश्रम में मुरली वाचन के दौरान मौत हो गई। दिव्यांग होने के बावजूद हरिश्चंद्र अहिरवार नियमित रूप से अपनी ट्राइसाइकिल से ब्रह्माकुमारी आश्रम पहुँचकर मुरली क्लास में शामिल होते थे। आज भी वह हमेशा की तरह सुबह करीब 9 बजे आश्रम पहुँचे थे और क्लास चल रही थी। इसी दौरान उन्हें अचानक सीने में तेज दर्द की शिकायत हुई। उनके साथ मौजूद गुरु भाई अच्छू मोदी और अन्य साथियों ने तुरंत उन्हें जिला अस्पताल छतरपुर पहुँचाया। जिला अस्पताल में डॉक्टर राजकुमार अवस्थी ने तत्काल प्राथमिक उपचार शुरू किया, लेकिन अटैक ज्यादा तेज होने के कारण इलाज के दौरान ही हरिश्चंद्र अहिरवार ने अंतिम सांस ली। उनके साथी अच्छू मोदी ने घटना की पुष्टि की।









