छतरपुर। महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय छतरपुर, माननीया कुलगुरु प्रो शुभा तिवारी के प्रेरणादायी निर्देशन एवं कुलसचिव यशवंत सिंह पटेल के मार्गदर्शन में अकादमिक उत्कृष्टता की दिशा में निरन्तर अग्रसर हैं। इसी क्रम में इतिहास अध्ययन शाला एवं शोध केंद्र में पीएचडी शोधार्थी कु. श्रुति जैन द्वारा डॉ मुक्ता मिश्रा के निर्देशन में शोध विषय विदिशा एवं मंदसौर में विभिन्न पहलुओं वाली श्रेणी प्रणाली का विहंगम अध्ययन पर प्रभावशाली एवं शोधपरक प्री सबमिशन प्रस्तुति दी गई। इस अवसर पर विभागाध्यक्ष डॉ.मुक्ता मिश्रा की अध्यक्षता में कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमे शोध निदेशक डॉ बहादुर सिंह परमार ,डॉ ममता बाजपेई विभागाध्यक्ष समाजशास्त्र, डॉ विभा वासुदेव विभागाध्यक्ष अर्थशास्त्र, डॉ नीरज निरंजन, डॉ सौरभ, कन्या पी जी कॉलेज, एवं विभिन्न विभागों के शोधार्थी और अतिथि विद्वान उपस्थित रहे। प्रस्तुति के दौरान श्रेणी व्यवस्था पर विस्तार से जानकारी दी गई साथ ही वर्तमान समय में स्वसहायता समूहों में इसकी उपयोगिता को बताया गया। कु. श्रुति जैन द्वारा वहां उपस्थित सभी विद्वानों का संतोषजनक उत्तर दिया गया। साथ ही उनके द्वारा दिए गए सुझावों को अपने आगामी शोध प्रबंध में समुचित रूप से समाहित करने का आश्वासन दिया गया। इस अवसर पर डॉ बहादुर सिंह परमार, डॉ मुक्ता मिश्रा, डॉ नीरज निरंजन, डॉ सौरभ ने शोधार्थी के अकादमिक दृष्टिकोण एवं परिश्रम की सराहना की। अपने उद्बोधन में शोधार्थी श्रुति जैन ने विश्वविद्यालय के कुलगुरू, कुलसचिव , शोध निदेशक, विभागाध्यक्ष एवं समस्त प्राध्यापकों का आभार व्यक्त किया। विशेष रूप से अपनी शोध निर्देशक डॉ मुक्ता मिश्रा के मार्गदर्शन, प्रोत्साहन एवं सतत सहयोग के लिए कृतज्ञता प्रकट की।









