खजुराहो। विश्वप्रसिद्ध देवालय नगरी खजुराहो में सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश किशोर देश के विभिन्न धार्मिक स्थलों से पधारे साधु-संतों के साथ खजुराहो के श्री मतँगेश्वर महादेव मंदिर पहुंचे, जहाँ उन्होंने भगवान भोलेनाथ के दर्शन-पूजन किया, दर्शन के पश्चात् उन्होंने मतँगेश्वर सेवा समिति, दद्दा जी इंटरनेशनल कल्चर सेंटर एवं खजुराहो डेवलपमेंट एसोसिएशन के संयोजक पंडित सुधीर शर्मा से भेंट कर खजुराहो बचाओ अभियान के संबंध में विस्तृत चर्चा की।पंडित शर्मा ने अधिवक्ता राकेश किशोर एवं उपस्थित संतों को खजुराहो में प्रस्तावित एयर बेस से होने वाले संभावित नुकसान की जानकारी दी, उन्होंने कहा कि यह पवित्र भूमि केवल आध्यात्मिक साधना, संस्कृति और दर्शन की भूमि है, यहाँ किसी भी प्रकार की सैनिक गतिविधि या औद्योगिक प्रतिष्ठान की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। शर्मा ने कहा कि खजुराहो, पन्ना, महोबा, ओरछा, दतिया, मैहर और चित्रकूट जैसे धार्मिक स्थलों पर ऐसे निर्माण कार्य या औद्योगिक गतिविधियाँ न केवल स्थानीय पर्यावरण बल्कि यहाँ की सांस्कृतिक पहचान को भी प्रभावित कर सकती हैं ओर कहा कि पंडित देव प्रभाकर शास्त्री (दद्दा जी), आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज, मां रिताम्भरा जी, श्री मन्नत जी महाराज एवं पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जैसे महान संत सदैव इस बात पर बल देते आए हैं कि मंदिरों में प्रदर्शन नहीं, दर्शन होना चाहिए। उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था के इन केंद्रों में किसी भी प्रकार का सरकारी या संस्थागत हस्तक्षेप — चाहे वह आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया का हो या एयरपोर्ट अथॉरिटी का — नहीं होना चाहिए, क्योंकि यह स्थान सनातन संस्कृति की आत्मा हैं।इस अवसर पर श्री वृंदावन धाम के कौशल किशोर ठाकुर, अखिल भारतीय सनातन हेल्पलाइन के विकास भाई, एडवोकेट एसोसिएशन राजनगर के अध्यक्ष आर क़े उपाध्याय, विश्व हिंदू परिषद के राजकुमार,गंगेल, आरएसएस क़े परशुराम रैकवार, राकेश जैन, शांत जैन, शैलेन्द्र यादव चार्ली राजा, परशुराम तिवारी, परिवर्तन एनजीओ की रीना अनुरागी,आयुरग्राम क़े कृष्णा प्रसाद (केरल), सहित देश के विभिन्न धार्मिक स्थलों से पधारे अनेक संत-महात्मा उपस्थित रहे। खजुराहो की पवित्र भूमि पर हुई यह मुलाकात खजुराहो बचाओ अभियान को एक नई दिशा और ऊर्जा प्रदान करने वाली रही।










