खजुराहो। मतँगेश्वर सेवा समिति, दद्दा जी इंटरनेशनल कल्चर सेंटर एवं खजुराहो डेवलोपमेन्ट एसोसिएशन के द्वारा माता मंदिर के सामने वुड केफे रेस्टोरेंट में खजुराहो की शांति, संस्कृति और प्रकृति की रक्षा के लिए एक बैठक का आयोजन रखा गया। बैठक में उपस्थित सभी गणमान्य नागरिकों ने एकमत होकर यह विचार व्यक्त किया कि खजुराहो की असली पहचान उसकी शांति, सादगी और सांस्कृतिक गरिमा में निहित है। सभी ने कहा कि हमें अपने इस पवित्र नगर का वातावरण हर हाल में शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण बनाए रखना है। बैठक में प्रस्तावित एयर बेस स्थापना के विषय पर गहन चर्चा हुई। सभी प्रतिभागियों ने यह गंभीर चिंता जताई कि यदि एयर बेस खजुराहो में स्थापित होता है तो इससे यहाँ का प्राकृतिक संतुलन, वन्यजीवों का जीवन और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन व्यापार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।खजुराहो का जो सौम्य, आध्यात्मिक और शांत वातावरण विश्वभर के पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है, वह युद्धक विमानों के शोर और सैन्य गतिविधियों से समाप्त हो सकता है।सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि सरकार से निवेदन किया जाएगा कि वह इस निर्णय पर पुनर्विचार करे और खजुराहो को उसकी मूल पहचान शांति, संस्कृति और प्रकृति के संगम के रूप में बनाए रखने में सहयोग प्रदान करें तथा उसके स्थान पर यहाँ शैक्षणिक संस्थान, आयुर्वेदिक एवं योग के विश्व विद्यालय डायमंड कोरीडोर, हैंडीक्राफ्ट जैसे उद्योगों को प्राथमिकता देकर उन्हें स्थापित किया जाये ताकि खजुराहो के मंदिरों एवं वातावरण में किसी भी प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा का संचार ना हो। इस बैठक के मुख्य अतिथि अशोक गौतम एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में मनोज अवस्थी उपस्थित रहे साथ में गणेश भाई कुण्डिया, इलियास खान, विजय सिंह, डॉ शिव पूजन अवस्थी लवकुश नगर, प्रियंक गौतम, अजय कश्यप, राशिद खान, विवेक जैन, अनूप जैन, राजीव शुक्ला गाइड एसोसिएशन, होटल एसोसिएशन, पत्रकार संघ, टेक्सी एसोसिएशन, ट्रेवल एजेंट्स, पांच सितारा होटल के प्रतिनिधि, एसोसिएशन, विश्व हिन्दू परिषद, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के स्वयं सेवकों ने भाग लिया।










