महाराजपुर। थाना क्षेत्र के कुसमा गांव में एक निर्माणाधीन मकान की दीवार गिरने से एक मजदूर की मौत हो गई। हालांकि परिजनों ने इसे संदिग्ध करार देते हुए हत्या की आशंका जताई और निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि हादसे की सूचना समय पर न देकर मामले को दबाने की कोशिश की गई और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक कुसमा निवासी महेन्द्र पटैरिया के मकान में निर्माण कार्य चल रहा था, जहां मजदूरी कर रहे 24 वर्षीय रोहित रजक की दीवार गिरने से दबकर मौके पर ही मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि घटना दोपहर एक बजे की है, लेकिन न तो रोहित को इलाज दिलाया गया और न ही पुलिस को सूचना दी गई। साथ में काम कर रहे मजदूर और मकान मालिक मौके से भाग गए। शाम को जब घरवालों को जानकारी लगी और वे महाराजपुर थाने पहुंचे तो पुलिस ने उनकी बात सुनने के बजाय अभद्रता कर भगा दिया। यही नहीं, शव को पोस्टमार्टम कराने अस्पताल ले जाने पर वहां मौजूद डॉक्टर ने भी पीएम करने से इंकार कर दिया और अपमानित कर भगा दिया। इससे मृतक के परिजन घंटों न्याय के लिए भटकते रहे। आखिरकार घटना के करीब 20 घंटे बाद मीडिया के हस्तक्षेप पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और मौके का निरीक्षण किया। परिजनों का आरोप है कि पुलिस आरोपियों से मिली हुई है और मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है।









