छतरपुर। जिले की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने सोमवार को एकजुट होकर अपनी लंबे समय से लंबित जायज मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। उन्होंने प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन स्थानीय प्रशासन को सौंपते हुए 10 सूत्रीय मांगों को शीघ्र पूरा करने की मांग की।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका संघ की प्रदेश मंत्री संध्या त्रिपाठी एवं जिलाध्यक्ष नीतू राजा ने ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि वर्ष 1975 से महिला एवं बाल विकास विभाग में सेवाएं दे रही आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका बहनों का कार्यभार दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। बच्चों को पोषण, महिलाओं को स्वास्थ्य शिक्षा, और बालकों को अनौपचारिक शिक्षा उपलब्ध कराने जैसे मूल कार्यों के साथ-साथ उन्हें अन्य विभागीय कार्यों में भी लगाया जा रहा है। नई तकनीकों और ऐप के उपयोग से कार्य की गुणवत्ता पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है।
प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं
देशभर में कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को नीति बनाकर नियमित किया जाए और उनका वर्गीकरण सुनिश्चित किया जाए। सभी को न्यूनतम पेंशन सुविधा दी जाए ताकि सेवा निवृत्त होने के बाद उन्हें सम्मानजनक जीवन मिल सके। 10 वर्ष से अधिक अनुभव वाली कार्यकर्ताओं को बिना आयु सीमा की बाध्यता के पर्यवेक्षक पद पर विभागीय पदोन्नति दी जाए। विभागीय कार्यों के अतिरिक्त अन्य कार्यों, विशेष रूप से बी.एल.ओ. का कार्य, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से न लिया जाए। अन्य विभागों, विशेषकर शिक्षा विभाग की नियुक्तियों में कार्यकर्ताओं को अनुभव के आधार पर वरीयता दी जाए। 18 वर्षों से एक जैसी टी.एच.आर. सामग्री के स्थान पर अब रुचिकर एवं पोषणयुक्त आहार उपलब्ध कराया जाए। पोषण ट्रैकर ऐप के फेस कैप्चर सिस्टम में आ रही तकनीकी समस्याओं को दूर किया जाए और बेहतर मोबाइल सुविधा प्रदान की जाए। मोबाइल रिचार्ज और नेट पैक के लिए विभागीय व्यवस्था की जाए, क्योंकि कम मानदेय में कार्यकर्ता को खुद यह खर्च उठाना पड़ता है। पुराने मोबाइल खराब हो चुके हैं, नए मोबाइल के लिए खाते में राशि उपलब्ध कराई जाए। सेवा के दौरान मृत्यु होने की स्थिति में सेवानिवृत्ति की देय राशि कार्यकर्ता के परिवार को दी जाए।
ज्ञापन में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने सरकार से मांग की कि वे इन मुद्दों को गंभीरता से लेते हुए जल्द समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगे पूरी नहीं होतीं तो आने वाले समय में वे बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगी। इस अवसर पर जिले की सैकड़ों आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका मौजूद रहीं।










