छतरपुर। दो दिनों तक हुई बारिश से जिले के ग्रामीण अंचल प्रभावित हुए हैं। हरपालपुर क्षेत्र में धसान नदी के किनारे बसे चपरन गांव में नदी का पानी मकानों और खेतों में घुस गया। गांव को मुख्यालय से जोडऩे वाले खजवा पुल पर 7 फीट ऊपर पानी बहने के कारण कई घंटों से आवागमन बंद है। प्रशासन ने यहां करीब दो दर्जन लोगों का रेस्क्यू किया है। वहीं जिला मुख्यालय के समीपी ग्राम पुछी और दालौन में भी बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। जिला प्रशासन अभी अलर्ट मोड पर है और राहत कार्य जारी हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार हरपालपुर क्षेत्र में धसान नदी पर बने बांधों के गेट खुलने से नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया, जिससे चपरन गांव में बाढ़ जैसे हालात बन गए। नदी का पानी कई मकानों और खेतों में घुस गया। गांव के रास्ते पिछले 18 घंटे से बंद हैं। खजवा पुल पर पानी 7 फीट ऊपर से बह रहा है, जिससे आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। कलेक्टर पार्थ जसवाल के निर्देश पर नौगांव तहसीलदार और प्रशासनिक अमला लगातार चपरन गांव की निगरानी कर रहा है। प्रशासन की टीम गांव में तैनात है और बाढ़ की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। रात को पानी का बहाव इतना तेज था कि कई मकान और खेत जलमग्न हो गए, लोग रातभर दहशत में रहे। सुबह से जिला प्रशासन की टीमों ने पानी में फंसे 23 लोगों को बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। रविवार दोपहर तक नदी का जलस्तर कुछ कम हुआ है, जिससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है, हालांकि प्रशासन अब भी पूरी तरह अलर्ट है। प्रशासन ने गांव के लोगों को सतर्क रहने और नदी के किनारे न जाने की हिदायत दी है। राहत शिविर में रुके ग्रामीणों को प्रशासन द्वारा भोजन, पानी और जरूरी सामान उपलब्ध कराया जा रहा है।
वहीं दूसरी ओर छतरपुर शहर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के पुछी और दालौन गांव में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। शनिवार को करीब आधा सैकड़ा ग्रामीण पानी में फंस गए, जिसकी सूचना मिलने के बाद एसडीईआरएफ, जिला प्रशासन और पुलिस की टीम ने गांव पहुंचकर रेस्क्यू किया। सीएसपी अरुण सोनी ने बताया कि बारशि के बाद पुछी और दालौन गांव में बड़ी मात्रा में पानी भर गया। गांव के निचले इलाकों में रहने वाले करीब आधा सैकड़ा लोग पेड़ों पर चढ़ गए थे, जिनकी सूचना मिलने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में एसडीईआरएफ के कमांडेंट विनीत तिवारी की टीम के साथ त्वरित कार्रवाई करते हुए 50 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। ने बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन में गोताखोरों ने दिन-रात मेहनत की और सभी को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।









