
टीकमगढ़। जिले में बिना नंबर डंफरों से अवैध रेत और गिट्टी का कारोबार धडल्ले से किया जा रहा है। तेज रफ्तार बिना नंबर डंफरों पर खनिज और पुलिस विभाग कार्रवाई नहीं कर रहा है। एक ओर यह आरोप आम जनमानस द्वारा लगाए जाते रहे हैं। अब जब कार्रवाई की गई, तो खनिज अधिकारी को घेरने के लिए खनिज कारोबारियों ने उन्हें घेरने की तैयारी कर ताबड़तोड़ आरोप लगाए हैं। इस सारे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई किए जाने के इंतजार में आम लोगों की नजरें इस सारे मामले पर टिकी हुई हैं। वायरल वीडियो में डंफर मालिक खनिज अधिकारी पर सुविधा शुल्क बसूलने और खाली गाड़ी पर कार्रवाई करने की धमकी देने जैसे आरोप लगाए जा रहे हैं, वहीं खनिज अधिकारी प्रशांत तिवारी ने जो वीडियो सौंपा है, वह अलग ही कहानी कह रहा है। इस संंबन्ध में नगर निरीक्षक पंकज शर्मा द्वारा भी कहा गया है कि पूर्व में खनिज अधिकारी द्वारा की गई शिकायत की जांच की जा रही है। श्री तिवारी ने पूर्व में उनके द्वारा बनाए गए वीडियो एवं मामले पर रोशनी डालते हुए कहा है कि खनिज विभाग द्वारा कार्रवाई किए जाने से ही डंफर मालिक मनगढ़ंत आरोप लगा रहे हैं। डंफर मालिक का कहना है कि खनिज अधिकारी खाली गाड़ी पर कार्रवाई करने के साथ ही धमकी दे रहे हैं। उन्होंने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किए जाने का भी आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। खनिज अधिकारी प्रशांत तिवारी ने वीडियो जारी करने के साथ ही बताया कि पूर्व में बृंदावन तालाब पर इस भरे हुए डंफर को खनिज टीम के साथ चैक किया गया था। बिना नंबर की थी। गिट्टी से भरे इस डंफर को पकड़ा गया था, जिसे दिलीप रजक आकर छुड़ा ले गए थे, जिसका वीडियो भी बनाया गया था तथा इसकी शिकायत कोतवाली पुलिस से की गई थी। इसके बाद जैसे ही बीते रोज सूचना मिली कि यह गाड़ी अनुज स्टोर के पास खड़ी है, वैसे ही जाकर कार्रवाई की गई। सारा मामला कलेक्टर सहित पुलिस के संज्ञान में है। अब उनके द्वारा मनगढ़ंत आरोप लगाए जा रहे हैं। ऐसे में मामला जांच के दायरे में जान पड़ता है। खनिज अधिकारी द्वारा की गई शिकायतों एवं डंफर मालिक द्वारा लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच कर वैधानिक कार्रवाई की जाए। जिससे प्रशासनिक अधिकारियों के बीच दबंगों को खौफ न रहे और यदि डंफर मालिक द्वारा लगाए गए आरोपों में सत्यता है तो अधिकारी के विरूद्ध कार्रवाई की जानी चाहिए। जिले में अवैध खनन और अधिकारियों की मनमानी दोनों ही सिरदर्द बनें हुए हैं, ऐसे में दोषियों के विरूद्ध कार्रवाई होना आवश्यक है। प्रशासन को चाहिए कि सारे मामले की बारीकी से छानबीन कर जिले में होने वाले अवैध खनिज परिवहन पर रोक लगाई जाए, तथा अधिकारियों द्वारा यदि किसी प्रकार की मनमानी की जा रही है, तो उस पर भी अकुंश लगाया जाए।
अधिकारियों से विवाद के मामले-
जिले में इन दिनों अधिकारियों एवं पुलिस टीम के साथ अभद्रता और दबंगयाई के मामले सुर्खियों में बने रहते हैं। अधिकारियों की सुरक्षा पर जहां सवाल उठने लगे हैं, तो वहीं शराब एवं खनिज माफियाओं द्वारा भी अप्रिय वारदातों को अंजाम दिया जाता रहा है। बड़ागांव थाना में हुए विवाद का मामला आज भी लोग भूले नहीं हैं। इसके साथ ही अवैध शराब बिक्रेताओं के द्वारा भी आए दिन वारदातों को अंजाम दिया जाता रहा है। पुलिस प्रशासन द्वारा इन तमाम आरोपियों पर सख्ती से कार्रवाई न किए जाने से भी उनके हौसले बुलंद बने हुए हैं।
कोतवाली में की थी रिपोर्ट-
खनिज अधिकारी प्रशांत तिवारी का कहना है कि उन्होंने चैकिंग के दौरान हुई घटना की शिकायत 27 मई को कोतवाली टीकमगढ़ में की थी। उन्होंने कहा है कि दिलीप रजक द्वारा टाटा कंपनी का बिना नंबर सफेद मिनी ट्रक भगा ले गए। कहा गया है कि सुबह वाहन चेकिंग के लिए स्टाप के साथ निकले हुए थे कि बृंदावन तालाब के पास खड़ा टाटा 407 व सफेद कलर मिला। यह वाहन गिट्टी से भरा हुआ था। इस दौरान आरोपी जबरन ट्रक लेकर भाग निकला था। अब मामले की सच्चाई जानने के लिए जांच जरूरी है।








