
छतरपुर। कांग्रेस की प्रवक्ता व छतरपुर जिला कार्यकारी अध्यक्ष दीप्ती पांडे ने सोमवार को जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर छतरपुर जिले में अतिवृष्टि, सूखा राहत राशि और सर्पदंश पीड़ितों को दी जाने वाली सहायता राशि में हुए भ्रष्टाचार के दोषियों को सेवा से बर्खास्त करने की मांग की है। उन्होंने इस भष्टाचार में प्रशासन पर भी दोषियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया।
कांग्रेस नेत्री दीप्ती पांडे ने बताया कि छतरपुर जिले में किसानों के साथ लगातार अन्याय हो रहा है। वर्ष 2017-18 से अब तक अतिवृष्टि और सूखा प्रभावित किसानों के लिए स्वीकृत करोड़ों रुपये की राहत राशि उनके खातों में न पहुंचकर अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपने परिचितों के खातों में हस्तांतरित कर कपटपूर्ण भुगतान किया। नियंत्रक एवं महालेखाकार (कैग) की रिपोर्ट में इस गड़बड़ी के सबूत सामने आए हैं, जिसमें गौरिहार तहसील सहित जिले की सभी तहसीलों में राहत राशि में करोड़ों रुपये के गबन का खुलासा हुआ है। उन्होंने कहा कि सर्पदंश पीड़ितों को दी जाने वाली सहायता राशि में भी भ्रष्टाचार हो रहा है। दुखद यह है कि जिला प्रशासन ने अब तक दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की, बल्कि उन्हें प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से संरक्षण दिया जा रहा है। पांडे ने बताया कि सीहोर और श्योपुर जिले के कलेक्टरों ने कैग की रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की और पुलिस में अपराध दर्ज कराए, लेकिन छतरपुर में प्रशासन की चुप्पी संदेह पैदा करती है। दीप्ती पांडे ने कहा कि स्थानीय समाचार पत्र लगातार इस भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठा रहे हैं, लेकिन शासन-प्रशासन इसे अनसुना कर रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि कैग की रिपोर्ट को गंभीरता से लेते हुए छतरपुर में दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों को तत्काल बर्खास्त किया जाए और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस तरह की गड़बड़ियां सरकारी योजनाओं के उद्देश्य को कमजोर करती हैं और किसानों व पीड़ितों के हक पर डाका डालती हैं।









