
छतरपुर। बर्रोही गाँव में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का समापन सुदामा चरित्र, परीक्षित मोक्ष, हवन, पूर्णाहुति, और भंडारे के साथ हुआ। कथा व्यास पं. सौरभ तिवारी ने भगवान कृष्ण और सुदामा की मित्रता को सच्ची मित्रता का उदाहरण बताते हुए समाज को भेदभाव रहित मित्रता की सीख दी। यज्ञाचार्य पं. राहुल मिश्रा ने वैदिक मंत्रों के साथ हवन और पूर्णाहुति सम्पन्न कराई।
बर्रोही में आयोजित संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह का समापन सुदामा चरित्र और परीक्षित मोक्ष की कथा के साथ हुआ। भागवताचार्य पं. सौरभ तिवारी ने कहा कि सुदामा ने कृष्ण को श्रापित अन्न खाकर बचाया, और कृष्ण ने बिना माँगे उन्हें सब कुछ दिया, जो सच्ची मित्रता का प्रतीक है। उन्होंने तुलसीदास की चौपाई धीरज, धर्म मित्र और नारी की व्याख्या की और भस्मासुर, दत्तात्रेय के 24 गुरु, और परीक्षित मोक्ष की कथा सुनाई। कथा यजमान गौरव मिश्रा ने बताया कि यज्ञाचार्य पं. राहुल मिश्रा ने पीठ पूजन, हवन, और पूर्णाहुति सम्पन्न कराई। समापन पर भंडारे में बड़ी संख्या में भक्त शामिल हुए।








