
हिन्दू धर्मावलंबी रामगोपाल यादव ने कहा कि कुलगुरू प्रो. शुभा तिवारी ने अपने वक्तव्य से वामपंथी विचारधारा को बढ़ावा देने का काम किया है। ऐसे कुलगुरू की छतरपुर और महाराजा छत्रसाल बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय को कोई आवश्यकता नहीं है। आशा है कि राज्यपाल उन्हें जल्द से जल्द बर्खास्त करेंगे।








