
ब्रह्माकुमारीज़ ने बरकौंहा में मनाया प्रथम विश्व ध्यान दिवस
छतरपुर। ब्रह्माकुमारीज़ किशोर सागर द्वारा ग्राम पंचायत बरकौंहा में आंतरिक शांति, वैश्विक सद्भाव के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा घोषित प्रथम विश्व ध्यान दिवस मनाया गया। इस अवसर पर छतरपुर सेवाकेंद्र प्रभारी बीके शैलजा दीदी ने कार्यक्रम का उद्देश्य बताते हुए कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ की जनरल असेंबली में 193 देशों ने 21 दिसंबर विश्व ध्यान दिवस मनाने के प्रस्ताव को सर्व सहमति से पास किया। विशेष तौर पर भारत ने मन की शांति एवं चिंतामुक्त जीवन में मेडिटेशन के लाभ को दर्शाया साथ ही मानसिक भावनात्मक एवं शारीरिक स्वास्थ्य में इससे लाभ मिलता है यह मेडिकल साइंस द्वारा साबित किया जा चुका है। यह दोनों बातें बताकर प्रस्ताव पारित कराया गया ताकि इसका लाभ सारे विश्व को मिल सके। आजकल मेडिटेशन को मेडिसिन के रूप में भी गिना जाता है।उन्होंने कहा कि ध्यान भारतीय संस्कृति की एक प्राचीन परंपरा है। ध्यान आत्मा को परमात्मा से मिलाने की बहुत सुंदर विधा है। ध्यान आत्मिक शांति और मनोबल बढ़ाने का बहुत ही सुंदर साधन है। जब हम भगवान को याद करते हैं तो उस याद के प्रकंपन से आसपास का वातावरण भी शांत होता है। कार्यक्रम के प्रारंभ में कु. कृतिका, कु. अंजली ने नृत्य द्वारा ध्यान का मर्म समझाया तत्पश्चात मंचासीन अतिथियों का तिलक द्वारा स्वागत किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में नगर पालिका अध्यक्ष ज्योति चौरसिया, सिविल लाइन थाना प्रभारी वाल्मीकि चौबे, समाजसेवी प्रदीप सेन, वरिष्ठ पत्रकार सुरेंद्र अग्रवाल,बरकौंहा सरपंच प्रीतम यादव, महोबा से वरिष्ठ व्यापारी मुकेश पुरवार सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। अंत में बीके कल्पना ने ओम की ध्वनि कराते हुए कामेंट्री के माध्यम से मेडिटेशन कराया। इस मौके पर हरपालपुर सेवाकेंद्र प्रभारी बीके आशा, विश्वनाथ सेवाकेंद्र प्रभारी बीके रमा, बीके रजनी, बीके रीना, रेखा बहन सहित लगभग 500 लोगों ने संगठित ध्यान किया।









