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आधा सत्र बीता, सीएम राइज विद्यालय के बच्चों को अब तक नहीं मिली गणवेश

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छात्र-छात्राओं से लिया जा चुका है शुल्क, विभाग की लापरवाही से हो रही देरी

छतरपुर। वर्तमान शिक्षा सत्र आधे से ज्यादा बीत चुका है लेकिन सीएम राइज विद्यालय के बच्चों को अभी तक गणवेश नहीं मिली है। बच्चों ने नियमानुसार गणवेश शुल्क भी जमा कर दिया है, लेकिन विभाग की लापरवाही के चलते अभी तक बच्चों को गणवेश नहीं मिला है। हालांकि विभागीय अधिकारियों का दावा है कि संभवत: अगले माह तक बच्चों को गणवेश मिल जाएगी, लेकिन अब यदि बच्चों को गणवेश दी भी जाती है तो यह सिर्फ 3 माह तक ही उनके काम आ सकेगी।सीएम राइज शासकीय मॉडल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय छतरपुर की बात करें तो यहां कक्षा 1 से लेकर कक्षा 12वीं तक कुल 1208 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। शासन के नियमानुसार कक्षा 1 से 8वीं तक के बच्चों को शासन की ओर से नि:शुल्क गणवेश दिया जाता है, जबकि 9 से 12वीं तक के बच्चों से गणवेश शुल्क लिया जाता है। उक्त नियम के अनुसार इस विद्यालय की कक्षा 9 से 12वीं तक पढ़ने वाले 707 छात्र-छात्राओं से गणवेश शुल्क लिया जा चुका है। गणवेश शुल्क के रूप में विद्यालय के 428 छात्रों से 1080 रुपए प्रति छात्र तथा 279 छात्राओं से 1530 रुपए प्रति छात्रा लिए गए हैं। यानि कि सिर्फ छतरपुर शहर के सीएम राइज शासकीय मॉडल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के बच्चों से 8 लाख 80 हजार 110 रुपए गणवेश शुल्क लिया गया है। सीएम राइज शासकीय मॉडल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय छतरपुर के उप प्राचार्य राजकुमार शर्मा ने बताया कि गणवेश हेतु विद्यालय की ओर से की जाने वाली कार्रवाई पूरी की जा चुकी है, शेष कार्रवाई उच्च स्तर से होना है जो कि शेष है। उन्होंने बताया कि अधिकारियों से बात करने पर सूचना मिली है कि अगले माह तक सभी विद्यार्थियों को गणवेश उपलब्ध हो जाएगी।इस लिए हो रही देरीउल्लेखनीय है कि पूरे प्रदेश में कुल 275 सीएम राइज स्कूल हैं, जिनकी कक्षा 9 से 12वीं तक के विद्यार्थियों की संख्या करीब 1.56 लाख है। उक्त सभी विद्यार्थियों से सरकार गणवेश का लगभग 19.86 करोड़ शुल्क एडवांस में ले चुकी है, लेकिन आधे से अधिक शिक्षण सत्र बीत जाने के बावजूद बच्चों को गणवेश नहीं मिला है। विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सीएम राइज स्कूल के बच्चों के लिए ड्रेस बनवाने का टेंडर जारी किया जा चुका है लेकिन टेंडर प्रक्रिया में अधिक वक्त लग जाने के कारण ड्रेस बनाने वाली फर्म को वर्क ऑर्डर नवंबर माह के दूसरे सप्ताह में जारी किया गया, जिस कारण से देरी हुई है। वहीं विभागीय अधिकारियों का दावा है कि गणवेश के लिए तीन अलग-अलग वर्क ऑडर्र जारी किए गए हैं और इसी महीने में ड्रेस की सप्लाई शुरू हो जाएगी।

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