टीकमगढ़। इन दिनों रिश्वत के रूप भी बदलने लगे हैं, बिना सुविधा शुल्क दिए तो अब लोगों भी भरोसा नहीं होता, कि उनका काम हो जाएगा। जिले में भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी ने सुरसा का रूप ले लिया है। इन दो-तीन सालों में लोकायुक्त ने टीकमगढ़ में जिस तरह से कार्यवाहियां की है, उससे जिले के हालात स्पष्ट हो गए हैं। खनिज, आरटीओ, राजस्व, पुलिस, सिंचाई, जनपद एवं जिला पंचायत में पदस्थ कर्मचारियों के आलीशान आवास एवं संपत्ति देखकर ही उनकी कमाई का अंदाजा लगाया जा सकता है। आए दिन वायरल होते वीडियो और उसमें मांगी जाने वाली राशि ने शहर की सरगर्मियां और भी तेज कर दी हैं। शासकीय कार्य में लापरवाही और सुविधा शुल्क की अवैध वसूली को लेकर चर्चाएं एक बार फिर गर्म हो गई हैं। बताया गया है कि कोतवाली टीकमगढ़ अंतर्गत अस्तौन पुलिस चौकी के एक प्रधान आरक्षक द्वारा अस्तौन में संचालित कोटा यानि राशन की दुकान पर चक्कर लगाने भर के लिए वायरल हुए आडियो में पांच हजार रूपयों की मांग की जा रही है। आडियो में प्रधान आरक्षक यह राशि अपने लिए न मांग कर कोतवाली टीआई के लिए मांगते नजर आए हैं। वायरल हुए आडियो में कहा जा रहा है कि टीआई को देने के लिए पांच हजार का इंतजाम करने के लिए कहा गया है। इस दौरान यह भी कहा गया है कि संतोष प्रधान आरक्षक का खास आदमी है। इससे लग रहा है कि मोबाइल पर बात करने वाले संबन्धित जन किसी संतोष पर कार्रवाई की बात कर रहे होंगे। जबकि वह प्रधान आरक्षकर का खास आदमी रहा होगा। आडियो से लगता है कि कोटा यानि राशन वितरण दुकान अस्तौन से संबन्धित किसी व्यक्ति द्वारा यह बात की जा रही है। ग्रुपों में हो रही चर्चा पर यदि भरोसा करें तो यह आडियो अस्तौन चौकी पर पदस्थ प्रधान आरक्षक कमलेश सोनी का है, जो कोटा पर चक्कर लगाने और संबन्धित की समस्या को दूर करने के एवज में पांच हजार रूपए की मांग कर रहे हैं। पता चला है कि आडियो वायरल होते ही पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई ने संज्ञान लेते हुए इसकी जांच एसडीओपी राहुल कटरे को सौंपी गई है। इस संबन्ध में एसडीओपी श्री कटरे ने इतना कहा है कि आडियो की जांच की जा रही है। जांच के बाद प्रधान आरक्षक कमलेश सोनी के इस मामले की पुष्टि होने पर कार्रवाई की जाएगी। श्री कटरे द्वारा की जा रही जांच को लेकर नगर में चर्चाओं का दौर जारी बना हुआ है। प्रधान आरक्षक श्री सोनी लंबे समय से चर्चाओं में बने हुए हैं। प्रथ्वीपुर में हुई एक घटना के दौरान भी प्रधान आरक्षक श्री सोनी चर्चाओं में रहे थे। आडियो में पांच हजार रूपए साहब को देेने के लिए मांगे जाने का मामला आडियो वायरल होने के बाद से सुर्खियों में आ गया है। वायरल हुए आडियो की पुष्टि नहीं की जा सकती है, जब तक की जांच पूरी नहीं हो जाती है।








