
टीकमगढ़। नि.स. गरीबों के लिए बनाए जा रहे आवास इन दिनों चर्चाओं में बने हुए है, नगर के वार्ड नंबर 10 ढोंगा में ठेकेदारों द्वारा बनाए जा रहे आवास धांधली और भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहे हैं, यहां पूर्व में बने आवास एवं इन दिनों चल रहे निर्माण की यदि निष्पक्ष जांच कराई जाए, तो नगर पालिका में हुए एक बड़े भ्रष्टाचार की परतें खुलते देर नहीं लगेगी। ढोंगा के पास बने आवासों की जांच की मांग लगातार की जा रही है। सूत्रों का कहना है कि बिना अनुमति के ठेकेदारों द्वारा निर्माण किया जा रहा है। हितग्राहियों के यह आवास प्रथक-प्रथक न बनाकर एक ही पिलर दो दीवारें बनाकर अच्छा खासा मुनाफा कमाया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि पूर्व में 270 आवास बनाए गए थे, इन आवासों की दीवारों के लिए पिलर कम बनाकर एक-दूसरे से आवास जोड़ दिए गए हैं। जिससे ठेकेदारों को खासा मुनाफा हुआ है। आश्चर्य की बात तो यह है कि इन आवासों को उप यंत्रियों सहित अन्य अधिकारियों ने क्लीन चिट दे दी है। शहर में बनाए गए आवासों को लेकर तरह तरह के सवाल उठाए जा रहे हैं। कहा गया है कि इन दिनों सरकारी जमीनों को खुर्द-बुर्द करने एवं अवैध निर्माण किए जाने के मामले आए दिन सामने आ रहे हैं। शहर में सडक़ों के दोनों ओर दुकानें एवं ठेले रखे जाने से जहां संकीर्णता बढ़ती जा रही है, वहीं अधिकारियों से सांठगांठ कर आवास तक बनाए जा रहे हैं। चौकाने वाली बात तो यह है कि दबंगों द्वारा किए जाने वाले अतिक्रमण पर काबू पाने के लिए नगर प्रशासन एवं राजस्व विभाग द्वारा किसी प्रकार की संतोषजनक कार्रवाई अब तक नहीं की गई है। इस संबन्ध में आए दिन शिकायतें की जाती रही हैं। बताया गया है कि कल्लू विश्वकर्मा द्वारा बीते रोज नवीन अतिक्रमण को लेकर कार्रवाई किए जाने की मांग करते हुए मुख्य नगर पालिका अधिकारी, नगर पालिका टीकमगढ़ को आवेदन सौंपा है। इसकी प्रतिलिपि उन्होंने संभागीय अधिकारियों के साथ ही जनप्रतिनिधियों को भी भेजी है। श्री विश्वकर्मा द्वारा दिए गए आवेदन में कहा गया है कि कार्यालय नगर पालिका में बीडी कॉलोनी वार्ड क्रमांक 10 में नगर पालिका अधिकारी, कर्मचारियों द्वारा आवास के नाम पर बसूली की जा रही है। उनके द्वारा जमीनी पट्टे के नाम पर अवैध वसूली कर फर्जी निर्माण कराये जा रहे है। श्री विश्वकर्मा ने इन अवैध निर्माणों को तुरंत बन्द कराने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा है कि इस संबन्ध में नगर पालिका सीएमओ के अलावा संयुक्त संचालनालय नगरीय प्रशासन सागर संयुक्त संचालनालय नगरीय प्रशासन भोपाल, स्थानीय विधायक यादवेन्द्र सिंह सहित अन्य अधिकारियों को भी अवगत कराया गया है। विधायक श्री सिंह द्वारा भी मामले को संज्ञान में लेकर पत्र लिखा गया है।
समय अवधि पर नहीं दिया ध्यान-
आवास निर्माण के लिए तय की गई अवधि को दरकिनार कर मनमाने तरीके से आवासों का निर्माण किया गया है। बारह माह में पूर्ण होने वाले आवासों को छह साल में पूरा किया गया। तमाम खामियों को अनदेखा कर घटिया एवं गलत तरीके से निर्माण करा दिए गए हैं। इन दिनों बनाए जा रहे आवासों की मंजूरी को लेकर भी चर्चाएं गर्म हैं। सूत्रों की मानें तो इस संबन्ध में ठेकेदारों द्वारा स्वीकृति होने की बात की जा रही है, लेकिन स्वीकृति के संबन्ध में अधिकारी कुछ भी कहने की स्थिति में नहीं हैं। नगर पालिका सीएमओ पद को लेकर ही उहापोह की स्थित बनी हुई है। अब तक यह स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है कि सीएमओ के लिए किसके नाम का आदेश किया जा रहा है। एसडीएम एवं अन्य जिम्मेदार अधिकारियों को चाहिए कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कर स्थिति को स्पष्ट करने की पहल करें। किसी प्रकार की जांच न होने से प्रशासन पर भी सवाल उठना लाजमी हो जाता है।
सीएमओ नहीं, तो बताए कौन….?
नगर पालिका में सीएमओ पद को लेकर चली आ रही उहापोह की स्थिति को देखते हुए यहां बनाए जा रहे आवासों के बारे में जानकारी आखिर कौन दे। अब तक यह पता नहीं चल सका है कि यहां हितग्राहियों से किसी प्रकार की पूंछतांछ की गई है कि नहीं, क्या कोई नोटिस जारी किए गए हैं। इसके साथ ही अब तक यह भी पता नहीं चल सका है कि यहां वार्ड नंबर 10 में बनाए जाने वाले आवासों की संख्या कितनी है और उनमें कितने पूर्ण किए जा चुके हैं। अधूरे पड़े आवासों को कब तक पूरा किया जाएगा। इसके साथ ही सवाल यह भी किया जा रहा है कि बनाए जा रहे आवासों को जीओ टेक कौन और कैसे करेगा। जिले में होने वाले भ्रष्टाचार और अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए ठोस कदम उठाए जाने की जरूरत महसूस की जा रही है।








