
जीवंत मूर्तिकला और सामाजिक सरोकारों के लिए राज्यपाल से हुए सम्मानित
छतरपुर। छतरपुर के दिनेश शर्मा ने एक नया कीर्तिमान स्थापित करके जिले को गौरवान्वित किया है। उन्हें लंदन की इंटरनेशनल संस्था वल्र्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड ने इंदौर में आयोजित एक कार्यक्रम में सम्मानित किया है।यह सम्मान उनकी जीवंत मूर्तिकला और सामाजिक सरोकारों में बढ़ चढ़कर भाग लेने के लिए प्राप्त हुआ है।मूर्तिकला के क्षेत्र में दिनेश शर्मा पूरे भारत में एक स्थापित और जाना पहचाना नाम है जिनकी कलाकृतियां विदेशों तक उनकी कहानी बयान कर रही हैं।मूर्तिकला के क्षेत्र में उनकी लगनशीलता और जीवंतता को सम्मानित करते हुए उन्हें यह पुरस्कार दिया गया है।इंदौर में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगू भाई पटेल उपस्थित रहे तो वहीं अन्य गन्यमान्य अतिथियों में लंदन के आध्यात्मिक लीडर राजराजेश्वर गुरुजी,किंग चाल्र्स तृतीय के प्रतिनिधि सायमन नोएल ओवेन्स,वल्र्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड के चेयरमैन विल्हेम जैजलर, हाइ कोर्ट जज जस्टिस वी के शुक्ला,सांसद शंकर लालवानी,लंदन से श्री जडेजा,मुख्यमंत्री के मुख्य सचिव संजय शुक्ला,स्पेशल डी जी पी वरुण कपूर और संभागीय आयुक्त दीपक सिंह भी मौजूद थे।दिनेश ने बनाई है देश के सबसे बड़े लड्डू गोपाल की मूर्तिछतरपुर के दिनेश शर्मा ने अपने बड़े भाई बृजेश शर्मा के मार्गदर्शन में मूर्तिकला की बारीकियां सीखीं।त्यौहारों में श्री गणेश और मां दुर्गा की प्रतिमाओं के साथ उन्होंने लोगों की मांग पर महापुरुषों और लोगों के परिजनों,करीबियों की मूर्तियां बनाना भी शुरू किया।दिनेश की दृढ़ इच्छाशक्ति ने उन्हें एक सुघड़ कलाकार बनाया।उनकी बनाई मूर्तियों में गज़़ब की बारीकी नजऱ आती है।कुछ वर्ष पहले उन्होंने देश के सबसे बड़े लड्डूगोपाल की मूर्ति भी बनाई थी जो कि छतरपुर के लड्डूगोपाल मंदिर में प्रतिष्ठित है।दिनेश का बनाया राम दरबार अमेरिका में हुआ स्थापितछतरपुर के मूर्तिकार द्वारा बनाई गई एक मूर्ति अमेरिका में स्थापित है। इसके अलावा भारत के कई विख्यात मंदिरों में दिनेश द्वारा बनाई गई मूर्तियां विराजमान हैं। शहर के शुक्लाना मोहल्ले में रहने वाले मूर्तिकार दिनेश शर्मा ने कुछ वर्ष पहले एक रामदरबार बनाया, जो श्रीनगर के माध्यम से अमेरिका में स्थापित है। खास बात यह है कि इस राम दरबार की ख्याति इतनी ज्यादा हुई कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रकाशित होनी वाली जनरल नॉलेज की पुस्तकों में भी इस मूर्ति से संबंधित सवाल दर्ज किया गया। छतरपुर में रहने वाले मूर्तिकार द्वारा बनाई गई पीतल की मूर्तियां भारत के कई विख्यात मंदिरों में स्थापित है। दिनेश इस क्षेत्र में कई अवार्ड और पदक हासिल कर चुके है। चित्रकूट के पास स्थित राजापुर में भारत का पहला रत्नावली जी का मंदिर बना, जहां पर तुलसीदास जी की पत्नि रत्नावली जी की मूर्ति का निर्माण दिनेश शर्मा ने किया। श्रीधाम वृंदावन में गोवर्धन स्थित परिक्रमा मार्ग पर देश का पहला नारद जी का मंदिर बनाया जा गया, जहां पर नारद जी मूर्ति स्थापित करने का कार्य छतरपुर के दिनेश शर्मा ने किया गया है। उनके इस सम्मान पर उनके बड़े भाई बृजेश शर्मा सहित उनके इष्ट मित्रों और परिजनों ने बधाई दी है।









