
रिलेशनशिप और कनेक्शन करेक्शन डायरेक्शन पर हुआ संवाद
छतरपुर। बेटा पड़ोस के लड़कों की कुसंगत से बिगड़ा है,ऐसा हम सोचते हैं,परंतु सच्चाई यह है कि वह अपने बाप की नौटंकी देखकर बिगड़ा है, कई बार हम घर में बिस्तर पर बैठकर चाय नाश्ता के साथ टीवी देख रहे होते हैं और तभी कार्यालय अथवा फील्ड से फोन आता है हम कहते हैं की बहुत बीमार है इसलिए ड्यूटी पर नहीं आ पा रहे हैं, कुछ दिनों बाद स्कूल का वाहन आने पर बेटा कहता है कि आज उसका बहुत पेट दर्द कर रहा है उसे स्कूल नहीं जाना है, यह समझदारी उसे अपने बाप की नौटंकी देखकर आई है, पर जब भी हम चर्चा करते हैं तो बताते यही है कि पड़ोस के लड़कों की कुसंगत के कारण हमारा लड़का बिगड़ गया है। टीकमगढ़ जिले के रेवेन्यू पुलिस पंचायत एवं नगर पालिका के अधिकारियों कर्मचारियों के साथ रिलेशनशिप पर चर्चा करते हुए आनंद विभाग के मास्टर ट्रेनर लखनलाल असाटी ने यह बात कही, प्रारंभ में श्रीमती आशा असाटी ने रिलेशनशिप सत्र का संचालन करते हुए कहा कि रिश्तो का जीवन में क्या महत्व है? शांत समय लेकर यह देखने की जरूरत है कि कौन सा रिश्ता हमें सुखी करता है और किस रिश्ते के कारण हम दुखी हैं? बिगड़े हुए रिश्तों को कैसे ठीक कर सकते हैं,अनेक प्रतिभागियों ने अपने निजी जीवन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि इस सत्र के दौरान उन्हें अपने माता-पिता भाई-बहन, नाना-नानी की बहुत याद आई है, कतिपय कर्मचारियों ने कहा कि उनका अपनी पत्नी या पिता से रिश्ता ठीक नहीं है, हथेली पर किताब रखकर उसे कुछ देर तक सीधा रखें रहने पर प्रतिभागियों ने कहा कि यह बोझ वह अधिक देर तक सहन नहीं कर सकते हैं उनका हाथ दर्द देगा अथवा सुन्न हो जाएगा, तब प्रतिभागियों का ध्यान इस और दिलाया गया कि उनके अंदर रिश्तों की कड़बाहट का जो बोझ रखा हुआ है क्या उससे वह आराम में हैं, यदि परेशान है तो इसके लिए वह क्या करने वाले हैं, आशा असाटी ने अपने घर पर काम करने वाले कर्मचारी और सीता चतुर्वेदी अजयगढ़ ने अपने पति के भाइयों के साथ पारिवारिक संबंधों को लेकर अनुभव साझा करके बताया कि कैसे उन्होंने बिगड़े रिश्तों को ठीक किया। नितिन बवेले टीकमगढ़ और सतानंद पाठक पन्ना ने कनेक्शन करेक्शन डायरेक्शन तथा फ्रीडम गिलास के माध्यम से उनके अपने जीवन में हुए सुधार के अनुभव साझा करते हुए कहा कि जब उनका संपर्क खुद से हुआ तो वह अपने जीवन में कुछ करेक्शन कर पाए जिससे उन्हें अच्छी दिशा प्राप्त हुई प्रतिभागियों ने भी खुद में झांका और उनके अपने अंदर की बुराइयों को कागज में लिखकर उसे पानी भरी बाल्टी को समर्पित कर दिया कि अब वह इनसे मुक्ति चाहते हैं। टीकमगढ़ जिले के पुलिस राजस्व ग्रामीण विकास एवं नगरीय प्रशासन के 50 अधिकारी कर्मचारी नौगांव के क्षेत्रीय ग्रामीण विकास प्रशिक्षण केंद्र पर तीन दिवसीय आवासीय अल्पविराम कार्यक्रम में सम्मिलित होकर खुद से संवाद कर रहे हैं गुरुवार 24 अक्टूबर को समापन सत्र पर राज्य आनंद संस्थान के सीईओ आशीष कुमार इन प्रतिभागियों से फीडबैक प्राप्त करने वाले हैं।









