
शासकीय जमीन पर रहने वाले भूमिहीन परिवारों ने लगाई रहम की गुहार
छतरपुर। घुवारा तहसील क्षेत्र के झिरियाखेरा के लोगों ने मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय में आवेदन देते हुए बताया कि जिस शासकीय भूमि पर रहते हुए कृषि कार्य के माध्यम से वे जीवनयापन कर रहे हैं, वहां शासकीय निर्माण स्वीकृत किया गया है और पटवारी ने सीमांकन के बाद उन्हें जमीन छोडऩे के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर को आवेदन देकर भूमिहीन परिवारों ने रहम की गुहार लगाई है।झिरियाखेरा के रहवासियों ने बताया कि पटवारी हल्का घुवारा की शासकीय भूमि पर तकरीबन डेड़ सैकड़ा मजदूर परिवार पिछले 6 दशकों से अपने घर बनाकर रहते आ रहे हैं तथा उनके द्वारा नियमानुसार नगर परिषद को जरीबाना एवं जुर्माना दिया जा रहा है। उक्त परिवारों के पास इस जमीन के अलावा अन्य कोई जमीन नहीं है, जिससे वे अपने परिवार का भरण-पोषण कर सकें। चूंकि वर्तमान में इसी जमीन पर शासकीय निर्माण स्वीकृत किया गया है, जिसके चलते पटवारी द्वारा सीमांकन के बाद परिवारों को जमीन छोडऩे के लिए कहा गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि उनसे जमीन छीन ली जाएगी तो वे सभी बेघर तथा भूमिहीन हो जाएंगे। परिवारों की गुहार है कि निर्माण स्थल में बदलाव कर सीमांकन की कार्रवाई को रोका जाए।









