
छतरपुर। उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत गांव गांव में सामाजिक चेतना केंद्र खोलकर अक्षर साथियों के द्वारा 15 वर्ष से अधिक उम्र के असाक्षरों को साक्षर बनाया जा रहा है।22 सितंबर रविवार को पूरे जिले में इन नव साक्षरों के लिए परीक्षा का आयोजन किया गया।मीडिया प्रभारी अनुपम त्रिपाठी ने बताया कि जिला कलेक्टर पार्थ जैसवाल के निर्देशन में डी पी सी ए एस पांडे,प्रौढ़ शिक्षा अधिकारी शिवेंद्र निगम एवम् जिला सह समन्वयक शफीक अहमद द्वारा समूचे जिले में परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए।साथ ही नव साक्षरों की सुविधा अनुसार समय निर्धारित कर परीक्षा का सफल आयोजन किया गया। जिला प्रौढ़ शिक्षा अधिकारी शिवेंद्र निगम ने बताया कि जिले में 2011की जनगणना के अनुसार 70222 असाक्षरों को साक्षर कर परीक्षा में शामिल कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था।जिसमे से 63803 नव साक्षर परीक्षा में शामिल हुए। परीक्षा की सघन मॉनिटरिंग की गई।नव साक्षर परीक्षा में अपनी सुविधा अनुसार शामिल हुए नवसाक्षर रविवार को प्रात: 10 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित परीक्षा में नवसाक्षरों को मात्र 3 घंटे ही परीक्षा देना थी।उन्हें यह सुविधा थी कि वे किसी भी समय परीक्षा में शामिल हो सकते हैं।इसके अलावा परीक्षा केंद्रों पर पेय जल आदि की भी अच्छी व्यवस्थाएं की हैं थीं।80 वर्षीय दादी ने भी दी परीक्षा ग्राम मनियां में अक्षर साथी प्रथा दुबे ने अपनी 80 वर्षीय दादी श्रीमती हल्की बाई को साक्षर बनाया और परीक्षा भी दिलाई। इसी तरह ग्राम करारागंज में अक्षर साथी रीना सेन ने अपनी 45 वर्षीय मां श्रीमती जमुना को साक्षर बनाया।और परीक्षा में शामिल कराया।








