
टीएल बैठक में कलेक्टर ने दिए भूमि आवंटन के मामलों में गति लाने के निर्देश
छतरपुर। कलेक्टर पार्थ जैसवाल की अध्यक्षता में सोमवार को जिला पंचायत सभाकक्ष छतरपुर में टीएल प्रकरणों की समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में जिला पंचायत सीईओ तपस्या परिहार, एडीएम मिलिंद नागदेवे, सहायक कलेक्टर काजोल सिंह, संयुक्त एवं डिप्टी कलेक्टर, एसडीएम, सीएमओ, जनपद सीईओ सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को टीएल बैठक में संबंधित प्रकरणों को पूर्ण जानकारी के साथ उपस्थित होने के निर्देश दिए। साथ ही सभी शिकायतों का समय सीमा के अंदर अनुपालन करवाने के निर्देश दिए।कलेक्टर ने उच्च न्यायालय में दर्ज लंबित प्रकरणों का समय-सीमा में जवाब दावा लगाए जाने के लिए संबंधित विभाग प्रमुख को निर्देशित किया। एमपीईबी एवं वन विभाग के तहत लंबित प्रकरणों को समन्वय से निराकरण करने के लिए निर्देशित किया। कलेक्टर ने सीएम मॉनिट के तहत लंबित प्रकरणों को समय-सीमा में तत्काल निराकरण के लिए निर्देशित किया एवं विगत टीएल से इस टीएल के बीच की प्रकृति दर्शाने के निर्देश दिए। राजस्व अवमानना के मामलों में लवकुशनगर एवं छतरपुर एसडीएम से नाराजगी व्यक्त की एवं कैंप लगाकर प्रकरणों का निराकरण करने के लिए निर्देशित किया। कलेक्टर ने स्वास्थ्य एवं श्रम विभाग के शिकायतों की संख्या में अप्रसन्नता व्यक्त की और इस माह में प्रगति लाने के निर्देष दिए एवं जनपद पंचायतवार रोस्टर बनाकर श्रम निरीक्षक को भेजकर निराकरण कराने के लिए निर्देशित किया एवं स्कूल, हॉस्टल एवं आंगनवाड़ी से प्रमाण पत्र लेकर जर्जर भवनों को ध्वस्त करने की कार्यवाही तुरंत करने के निर्देशि दिए। कलेक्टर ने अस्पतालो के निरीक्षण की भी समीक्षा की जिसमें फर्जी डॉक्टरों को जो भी बिना डिग्रीधारी है उन पर कार्रवाही करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने जिलापरियोजना समन्वयक जिला शिक्षा केन्द्र को समय सीमा में शाला भवनों को ध्वस्त न कराने से कारण बताओ नोटिस जारी किया एवं प्रभारी पीओडूडा के पास संबंधित प्रकारणों की जानकारी न होने से कारण बताओ नोटिस जारी किया। भूमि आवंटन वाले मामलो में सभी एसडीएम को गति लाने के एवं अमृत 2.0 के केसेज में प्राथमिकता के साथ भूमि आवंटन करने के निर्देश दिए एवं नगरीय निकायों को गौवंश को गौशालाओं में भेजने की कार्यवाही तुरन्त किए जाने के लिए निर्देष दिए एवं गौवंषों की जानकारी टैगिंग के बाद भी जो गायों को फिर से छोड़ देते है उन पर एफआईआर दर्ज करवाए जाने की बात कही। कलेक्टर ने 10-13 सितम्बर को होने वाले राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम की रणनीति की समीक्षा बैठक की और संबंधित अधिकारियों को इस दिवस के कार्य निर्वहन के लिए निर्देश दिए।









