
होमगार्ड और एसडीआरएफ की टीमों ने की तैयारी
छतरपुर। बारिश के मौसम को दृष्टिगत रखते हुए जिले में बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों को चिन्हित कर होमगार्ड एवं एसडीआरएफ की टीमें तैनात कर दी गई हैं। इसके अलावा जिले के अलग-अलग स्थानों पर 300 आपदा मित्र भी बनाए हंै जिन्हें बाढ़ एवं आपदा से निपटने का प्रशिक्षण दिया गया है जो इन टीमों का सहयोग करेंगे।डिस्ट्रिक्ट कमाण्डेंट भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले के चार स्थानों पर डीआरसी केन्द्र स्थापित किए गए हैं जिनमें बड़ामलहरा, लवकुशनगर, ईशानगर और नौगांव हैं। यहां पर बाढ़ एवं आपदा से निपटने के लिए पांच-पांच जवानों की टीमें तैनात की हैं। इन टीमों को मोटरबोट, लाईफ जैकिट, रस्सी, टॉर्च सहित अन्य बचाव सामग्री प्रदान की गई है। ये टीमें किसी भी प्रकार की बाढ़ एवं आपदा से निपटने के लिए तैयार हैं। उन्होंने बताया कि इसी तरह मुख्यालय स्तर पर होमगार्ड कार्यालय में दो क्यूआरटी टीमें बनाई गई हैं जिनमें 5-5 जवान शामिल हैं। उन्हें भी आवश्यक बाढ़ बचाव के उपकरण प्रदान किए गए हैं। इसके अतिरिक्त 12 जवान एसडीआरएफ की टीम में उपलब्ध हैं जिनके प्रभारी प्लाटून कमाण्डर संजय गौर हैं। मुख्यालय स्तर या मुख्यालय से बाहर किसी भी प्रकार की आपदा की स्थिति निर्मित होती है तो एसडीआरएफ की टीम राहत एवं बचाव कार्य करती है। मानसून के पूर्व होमगार्ड एवं एसडीआरएफ जवानों को बाढ़ से बचाव एवं तैराकी का प्रशिक्षण भी दिया गया है। इसके अलावा 300 आपदा मित्र भी बनाए हैं जिन्हें बाढ़ से बचाव का प्रशिक्षण दिया गया है। आपदा की स्थिति में ये आपदा मित्र सहयोग करते हैं। कहीं पर कोई बाढ़ की स्थिति निर्मित होती है तो टोल फ्री नंबर 1079 पर सूचना दे सकते हैं। सूचना मिलने पर टीम राहत एवं बचाव कार्य के लिए तत्काल पहुंचती हैं।









