
मंडी में अच्छे दाम मिलने से गेंह,ू चना, सरसों बेच रहे किसान
हरपालपुर। समर्थन मूल्य पर उपज बेचने में किसान रुचि नहीं ले रहे हैं। समर्थन मूल्य से ज्यादा पर बाज़ार में खरीद होने से किसानों ने सरकारी खरीदी केंद्रों पर होने वाली परेशानी से बचने के लिए उपज बेचने के लिए स्लॉट तक बुक नहीं कराए हैं। हरपालपुर में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी केंद्र शुरू होने के बाद लगभग 27 दिन बीत गए हैं लेकिन अभी तक केन्द्र पर एक भी किसान नहीं पहुंचा है। कारण यह है कि किसानों को मंडी में ही अपनी उपज के सही दाम मिल रहे हैं।
चूंकि पिछले वर्ष की तरह इस बार भी किसान समर्थन मूल्य भुगतान से पहले यदि किसान पर सहकारी समिति का ऋण बकाया है तो उस की राशि काट कर भुगतान करने का प्रावधान है, जिसके चलते सहकारी समिति हरपालपुर-रानीपुरा और सहकारी समिति भदर्रा अंतर्गत आने वाले गांव कैंथोकर, सरसेड़, लहदरा, गलान, काकुनपुरा, कराठा, इमलिया, रगौली, परेथा, बोदी, मवइया, रानीपुरा गॉव के 120 किसानों ने समर्थन मूल्य पर गेंहू बेचने के लिए पंजीयन कराया है। इतनी कम संख्या में किसानों के पंजीयन दर्शाते हैं कि किसानों को समर्थन पर गेंहू बेचने में कोई रुचि नहीं हैं। यही हाल चना, सरसों के खरीदी केंद्रों का भी हैं। दो दर्जन से अधिक गांव के किसान वेयर हाउस में बनाये खरीदी केंद्र पर भी एक भी किसान उपज लेकर नहीं पहुंचे हैं।
कृषि उपज मंडी में गेंहू की बंफर आवक
हरपालपुर कृषि उपज मंडी में किसानों का गेंहू 2300 से 2400 रुपयों में खुली नीलामी में व्यापारियों को खरीदी जाने के चलते मंडी में रोजाना 3 हज़ार क्विंटल के लगभग अनाज की आवक हो रही है जिसके चलते किसान समर्थन मूल्य पर बनाये गए खरीदी केंद्र पर अपनी उपज न बेच कर सीधे मंडी में डाक नीलामी कराकर नगद भुगतान पर व्यापारियों को बेच रहे हैं। विगत वर्ष की अपेक्षा अप्रैल माह में अभी तक 71 हजार क्विंटल गेंहू की आवक मंडी में हो चुकी हैं।








