Home डेली न्यूज़ आनंद के फैलाव के लिए सहयोगियों का प्रशिक्षण जारी

आनंद के फैलाव के लिए सहयोगियों का प्रशिक्षण जारी

36
0
Jeevan Ayurveda

खुद के मूल्यांकन और परिमार्जन में मदद करता है अल्पविराम: डायरेक्टर
छतरपुर। राज्य आनंद संस्थान द्वारा जल एवं भूमि प्रबंधन संस्थान वाल्मी में आयोजित तीन दिवसीय आनंदम सहयोगी प्रशिक्षण में प्रदेश के 53 जिलों के लिए 58 आनंदक भागीदारी कर रहे हैं। उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए संस्थान के डायरेक्टर प्रवीण गंगराड़े और सत्य प्रकाश आर्य ने कहा कि खुद के सतत मूल्यांकन और परिमार्जन के लिए अल्पविराम कार्यक्रम सहयोगी के रूप में काम करता है। मान्यताओं और संवेदनाओं का मूल्यांकन करते हुए अंतरात्मा की आवाज सुनने का अभ्यास है अल्पविराम, रोज प्राप्त हो रही बहुत सारी सूचनाओं और जिज्ञासाओं का समाधान खुद में जांच परख कर किया जा सकता है। इस अवसर पर फैसिलिटेटर के रूप में छतरपुर से लखनलाल असाटी, नई दिल्ली से साधना श्रीवास्तव, कटनी से अनिल कांबले, विदिशा से वर्णा श्रीवास्तव और खंडवा से गणेश कानडे उपस्थित हैं। छतरपुर जिले से आनंदक के रूप में रितिक यादव, प्रताप मोदी, शीतल सिंह, फूला बट्टी,मेघा बट्टी सहभागिता कर रही है। जीवन का लेखा-जोखा, कृतज्ञता, मदद एवं क्षमा के भाव पर विस्तार से चर्चा की गई, चिंता का दायरा और प्रभाव का दायरा भी देखा गया। फैमिली ग्रुप में विचारों का आदान-प्रदान हुआ, प्रकृति के साथ आत्मपोषण पर भी काम हुआ। संपर्क सुधार और दिशा के माध्यम से लखनलाल असाटी ने बताया कि जब उन्होंने खुद से अपना संबंध ठीक किया और संवाद किया तो बहुत सारे सुधार हो पाए जिससे उन्हें उनके परिवार और समाज को दिशा मिली, फ्रीडम गिलास के माध्यम से साधना श्रीवास्तव ने अपने जीवन के करेक्शन की कहानी सुनाई, प्रतिभागियों ने शांत समय लेकर बताया कि उन्हें भी अपने अंदर क्रोध, ईष्र्या, जलन दिखाई देता है, दूसरों की कम सुनते हैं, दूसरों को जज करते हैं, गलत को गलत नहीं कह पाते हैं, निर्णय नहीं ले पाते हैं, काम को टालते हैं, तुरंत प्रतिक्रिया करते हैं, मां बाप को इग्नोर करते हैं। भावना में बह कर निर्णय लेते हैं, मीन मेख निकालते हैं आदि आदि, उन्हें अभ्यास कराया गया कि जो विचार वह चला रहे हैं उसके पीछे की मान्यताओं और संवेदनाओं को जांचने परखने की जरूरत है।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में राज्य आनंद संस्थान की ओर से कमलेश कुमार तिवारी, प्रदीप कुमार महतो, मुकेश करुआ, रवि मालवीय आदि की सक्रिय सहभागिता है। प्रतिदिन सुबह 7 बजे से प्रारंभ होकर यह कार्यक्रम रात 10 बजे तक लगातार कई सत्रों में संचालित हो रहा है। इस दौरान कुछ प्रेरणादायक एक्टिविटी भी कराई जा रही है।

Jeevan Ayurveda Clinic

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here