छतरपुर। आंग्ल भाषा के प्रशिक्षण में शामिल हुए जिले के विभिन्न विद्यालयों के शिक्षकों से समापन अवसर पर आग्रह किया गया कि वह पूरी निष्ठा से कार्य कर भाषा में हो रहे परिवर्तन एवं भाषा को आसानी से बच्चे को समझाने का प्रयास करें। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण केंद्र नौगांव के प्राचार्य आरके वर्मा ने कहा कि समय परिवर्तनशील है, पाठ योजना बनाकर शिक्षण कार्य करें। 5-5 दिनों की ट्रेनिंग तीन चरणों में रखी गई। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद सभी शिक्षकों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। संचालन मास्टर ट्रेनर एवं कवि अजय मोहन तिवारी ने किया।डाइट में प्रशिक्षण की नोडल अधिकारी अल्का खरे ने बताया कि पिछले तीन महीने में पांच-पांच दिन की ट्रेनिंग रखी गई। ट्रेनिंग के माध्यम से अंग्रेजी भाषा को सरलता से बच्चों तक पहुंचाने के विभिन्न बिंदु मास्टर ट्रेनरों द्वारा बताए गए। उन्होंने प्रशिक्षण के बारे में विस्तार से जानकारी दी एवं सभी शिक्षक साथियों से कहा कि जिन बच्चों के कारण हमारे सपने पूरे हो रहे हैं हम उन बच्चों के सपने पूरे करने उन्हें विधिवत शिक्षा दें। समापन अवसर पर वरिष्ठ व्याख्याता एनडी पाठक ने कहा कि सभी शिक्षक मेहनत के साथ पढ़ाते हैं फिर भी परिणाम अपेक्षाकृत नहीं आते। अपनी त्रुटि को पहचान कर उन बिंदुओं पर विशेष फोकस करें जिनकी वजह से परिणाम अनुकूल नहीं रहे। डाईट की वरिष्ठ व्याख्याता ममता चतुर्वेदी ने अपने सारगर्भित उद्बोधन में कहा कि विदेशी भाषा को आत्मसात करने में कठिनाई होती है लेकिन बच्चों के मन से भाषा के भय को बाहर निकालना है। दुर्बोध को सुबोध बनाने वाला ही अच्छा शिक्षक होता है। पूरी ट्रेनिंग में मास्टर ट्रेनर अजय मोहन तिवारी, जेपी रैकवार एवं शिवेंद्र निगम द्वारा अंग्रेजी की न केवल बारीकियां बताई गई बल्कि शिक्षकों की जिज्ञासाएं भी सटीक उदाहरण के माध्यम से शांत की गई। इस अवसर पर मास्टर ट्रेनर शिवेंद्र निगम, जेपी रैकवार, अजय मोहन तिवारी, एलपी वर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे।










