टीकमगढ़। जिंदगी किसी की भी हो, बढ़ी अनमोल होती है। सडक़ हादसों के दौरान या फिर बीमारियों से बिलखती गायों के उपचार और उनकी देखभाल के लिए समर्पित यहां के युवाओं ने गायों के प्रति जो सेवा भाव प्रगट किया है, वह यदा-कदा ही देखने को मिलना है। उन्होंने जन सहयोग से यहां श्रीकृष्ण गौ शाला संचालित कर अब तक सैकड़ों गायों को जीवन दान देने की सराहनीय पहल की है। अब गौशाला की आर्थिक परेशानियों को समाजसेवियों ने भी समझना शुरू कर दिया है और जन सहयोग से यहां की अनेक गायों की देखभाल की जा रही है। यहां आज समाजसेविका श्रीमती सुनीता खरे ने अपनी टीम के साथ पहुंचकर गौशाला को सोलह हजार से अधिक की राशि भेंट की। उन्होंने अन्य लोगों से भी गौशाला में हो रहे निर्माण कार्य एवं गौ सेवा के लिए सहयोग करने की अपील की।
गौ शाला के बारे में गौसेवक एवं गौशाला अध्यक्ष बृजेन्द्र उर्फ श्यामू श्रीवास्तव एवं ज्ञान प्रकाश मिश्रा ने बताया कि यहां घायल गायों को लाकर उनकी देखभाल और उपचार किया जाता है। इस देखभाल में उनकी टीम लगातार सक्रिय रहती है। इसके साथ ही सूचना मिलने पर तत्काल मौके पर जाकर भी गायों का उपचार किया जाता है। दवाओं के साथ ही लाने का कार्य यहां गौशाला सेवक ही करते हैं। जन सहयोग से किए जा रहे सेवा कार्य से प्रभावित होकर अब धीरे-धीरे लोग भी मदद के लिए आगे आने लगे हैं। यह गौशाला यहां सन् 2012 से लगातार संचालित है। इतने सालों में हजारों घायल गौवंश का इलाज यहां किया जा चुका है। आज यहां महिला समाजसेविका श्रीमती सुनीता खरे के प्रयासों से एकत्रित की गई सहायता राशि यहां भेंट की गई। उन्होंने यहां सोलह हजार रूपए से अधिक की राशि भेंट की। बताया गया है कि यहां अनेक घायल गायों का उपचार किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से वाहन धीमी गति से चलाने एवं गौवंश की सुरक्षा किए जाने का आह्वान किया है। श्री श्रीवास्तव ने कहा कि सडक़ों पर घूमने वाले गौवंश एवं मूक पशुओं के साथ दया का भाव रखें। सडक़ हादसा होने पर घायल पशुओं को छोडक़र न भागे,उनकी मदद करें। इस अवसर पर स्वतंत्र कुमार जैन ने कहा कि यह एक सराहनीय पहल है। यहां अनेक समाजसेवी आकर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दवाओं एवं भूसा आदि का भी समय-समय पर सहयोग किया जाता रहा है। वह और गायत्री परिवार के सदस्यों का आना बना रहता है। इतना ही नहीं यहां के पशुओं की देखभाल के लिए अन्य संगठनों के समाजसेवी भी मदद करते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि गौवंश के साथ ही यहां नंदी शाला का भी निर्माण तेजी से किया जा रहा है, जहां अब नंदी महाराज का भी उपचार किया जा सकेगा। इस अवसर पर श्रीमती सुनीता-अशोक खरे, श्रीमती रीना श्रीवास्तव, कल्पना खरे, निशा तिवारी, श्रीमती पीडी सेन, एसके जैन, राम बाबू साहू, अशोक खरे, प्रदीप खरे, ज्ञान प्रकाश मिश्रा, बृजेन्द्र श्रीवास्तव श्यामू, राकेश सोनी, शिवम सेन, जया श्रीवास्तव सहित अनेक समाजसेवी एवं गौ सेवक मौजूद रहे।
नंदी शाला निर्माण में सहयोग की अपील-
समाजसेविका श्रीमती सुनीता-अशोक खरे ने कहा है कि श्रीकृष्ण गौशाला, जो यहां के छतरपुर मार्ग पर बैकुंठी के समीप संचालित है, यहां गौ शाला के साथ ही अब नंदी शाला का भी निर्माण किया जा रहा है। युवा समाजसेवियों का उत्साह एवं कार्य सराहनीय एवं अनुकरणीय है। लोगों को चाहिए कि यहां आकर गौशाला की व्यवस्थाओं का अवलोकन अवश्य करें। इसके साथ ही इस पुनीत पावन यज्ञ में अपनी आहूति अवश्य दें। उन्होंने उनकी अपील पर सहयोग करने वाले सभी सदस्यों का भी आभार व्यक्त किया है। सहयोग करने वालों की भी उन्होंनेे सूची जारी की है।
गौशाला सहयोग में मेम्बर्स राशि प्राप्त-
श्रीमती सुनीता-अशोक खरे के प्रयासों से श्रीकृष्ण गौशाला को सोलह हजार से अधिक राशि भेंट की गई। बताया गया है कि इस राशि में अनेक लोगों का सहयोग रहा है। इसके अलावा कुछ लोगों ने सर्दी के मौसम में गायों को सर्दी से बचाने के लिए लकड़ी एवं उपचार के लिए दवाएं भी भेंट की हैं। श्रीमती खरे ने बताया कि जिन जागरूक लोगों ने उनकी छोटी सी अपील पर सहयोग किया है, उनमें श्रीमती पीडी सेन, श्रीमती शीलम मोदी गुप्ता, श्रीमती सुनीता-अशोक खरे स्वयं, श्रीमती मेघा खरे, श्रीमती दीपदी झाम, श्रीमती मनीषा तिवारी, श्रीमती सविता खरे, सतीश खरे, जगन्नाथ श्रीवास्तव, सहेन्द्र श्रीवास्तव जबलपुर, श्रीमती संध्या श्रीवास्तव, श्रीमती बब्बो ओबराय, सुश्री नीता खरे बानपुर, श्रीमती आस्था श्रीवास्तव, श्रीमती दीपा साहू, स्वतंत्र कुमार जैन, श्रीमती रीना श्रीवास्तव, श्रीमती कल्पना खरे, रामबाबू साहू एवं श्रीमती नीलम श्रीवास्तव के नाम शामिल हैं।









