महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय छतरपुर में छात्रों का विरोध प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को एक बार फिर छात्रों ने परीक्षा परिणाम में गंभीर अनियमितताओं और कुलसचिव पर रिश्वत के आरोप लगाते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। छात्रों ने कुलपति के माध्यम से मध्यप्रदेश के राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर कार्रवाई की मांग की है।
छात्र नेता भरत अहिरवार ने बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा हाल ही में घोषित फाउंडेशन कोर्स के परिणाम में सैकड़ों छात्रों को 0 और 1 अंक दिए गए, जबकि उन्होंने नियमित रूप से परीक्षा दी और उत्तर पुस्तिकाओं में सही जवाब लिखे थे। यह प्रशासन की दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई का परिणाम है, जिससे छात्रों का भविष्य खतरे में है और उनमें मानसिक तनाव व निराशा बढ़ रही है। छात्रों ने कुल सचिव यशवंत पटेल को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया। इतना ही नहीं छात्रों ने कुलसचिव पर आरोप लगाया है कि कुलसचिव ने विश्वविद्यालय में नियुक्तियों के दौरान अपने पसंदीदा अभ्यर्थियों से 25 लाख रुपये तक की रिश्वत ली है। छात्रों ने मांग की है कि फाउंडेशन कोर्स के परिणामों की पुनर्जांच की जाए, उत्तर पुस्तिकाओं की प्रतियां मुफ्त दी जाएं, और रिश्वत के आरोप सिद्ध होने पर कानूनी कार्रवाई कर दोषियों को पद से हटाया जाए।










