
छतरपुर। रविवार को मातृ दिवस के अवसर पर सामाजिक संस्था एक मुस्कान जिंदगी की और चरण पादुका समिति के तत्वावधान में छतरपुर में समाजसेवियों ने वृद्ध माताओं के घर-घर जाकर उनके त्याग, सेवा और वात्सल्य के लिए भावपूर्ण सम्मान किया। इस आयोजन में सम्मानित माताओं ने खुशी जाहिर करते हुए सभी को आशीर्वाद और शुभकामनाएं दीं।
एक मुस्कान जिंदगी की के संयोजक और चरण पादुका समिति के शंकरलाल सोनी ने बताया कि 2015 से यह पहल शहर के उन वयोवृद्ध लोगों को सम्मानित करने के लिए शुरू की गई, जिनकी वर्तमान पीढ़ी समाज हित में योगदान दे रही है। इस बार मातृ दिवस पर प्रो. बहादुर सिंह परमार की 98 वर्षीय मां रूप कुंवर परमार, पंकज जैन महर्षि की 84 वर्षीय मां विमला देवी जैन, अरविंद जैन दीपू की 92 वर्षीय मां शकुंतला जैन, केशर देवी चतुर्वेदी 94 वर्ष, ऊषा खरे 89 वर्ष, शांति देवी दुबे 102 वर्ष, सत्या कौर 95 वर्ष, कमला शर्मा 97 वर्ष और बेनीबाई चौरसिया 88 वर्ष को उनके घर पहुंचकर पुष्पमाला, शॉल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर भारतीय गौरव सम्मान से नवाजा गया। इस अवसर पर अधिवक्ता राकेश शुक्ला ने कहा कि मां सृष्टि की प्रथम पूज्यनीय है। आज हम विभिन्न माताओं को सम्मानित कर गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने माताओं के योगदान को समाज की नींव बताया। कार्यक्रम में संयोजक शंकरलाल सोनी, पत्रकार सुरेंद्र अग्रवाल, अधिवक्ता राकेश शुक्ला, पंकज पहारिया, रमेश गुप्ता, आनंद सुरेंद्र शर्मा, वार संघ अध्यक्ष विनोद दीक्षित, प्रकाश जैन, पंकज जैन महर्षि, कवि अवनिंद खरे, एस.एस. खरे, अधिवक्ता आनंद शर्मा, राकेश शर्मा, दिल्लाराम, आर.पी. कुरील, पुष्पेंद्र खरे, अरविंद खरे, संतोष खरे और अखिलेश खरे सहित कई समाजसेवी उपस्थित रहे। यह आयोजन मातृ शक्ति के प्रति समाज में सम्मान और कृतज्ञता की भावना को और मजबूत करने में सफल रहा।








