
छतरपुर। जिला मुख्यालय के समीप ग्राम धमौरा के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में कार्यरत माध्यमिक शिक्षिका श्रीमती रंजीता साहू की सेवा समाप्ति के आदेश पर मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर ने रोक लगा दी है। वर्ष 2001 के बाद तीसरी संतान होने के कारण पिछले दिनों संयुक्त संचालक, लोक शिक्षण, सागर संभाग ने उनकी शासकीय सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी थी।
श्रीमती साहू के अधिवक्ता अभय पांडे ने बताया कि शिक्षिका ने इस कार्रवाई के खिलाफ उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। उन्होंने कोर्ट में तर्क दिया कि सेवा समाप्ति का आदेश बिना सुनवाई और मध्य प्रदेश सिविल सेवा नियमों के तहत जांच के जारी किया गया, जो गलत है। उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय के कई निर्णयों का हवाला देते हुए आदेश पर रोक लगाने की मांग की। न्यायालय ने याचिका पर विचार करते हुए अंतरिम राहत प्रदान की और सेवा समाप्ति के आदेश पर रोक लगा दी। साथ ही, श्रीमती साहू को अपने पद पर कार्य करने की अनुमति भी दी गई है।








