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पीडब्ल्यूडी भूमि से अतिक्रमण हटाने पहुंचा प्रशासन, हिंदू संगठनों के विरोध पर कार्रवाई रोकी गई

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पीडब्ल्यूडी भूमि से अतिक्रमण हटाने पहुंचा प्रशासन, हिंदू संगठनों के विरोध पर कार्रवाई रोकी गई।छतरपुर। लोक निर्माण विभाग की भूमि पर किए गए अवैध कब्जों को हटाने के लिए शुक्रवार सुबह प्रशासन ने संयुक्त अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान राजस्व विभाग, पीडब्ल्यूडी के अधिकारी-कर्मचारी तथा भारी पुलिस बल मौके पर तैनात रहा। प्रशासनिक अमले ने सुबह से ही चिन्हित अतिक्रमणों को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी और अधिकारियों की निगरानी में कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संचालित होती रही।जानकारी के अनुसार पीडब्ल्यूडी की भूमि पर लंबे समय से अवैध कब्जे किए गए थे, जिनकी शिकायतें लगातार प्रशासन को मिल रही थीं। जांच के बाद प्रशासन ने संयुक्त दल गठित कर अतिक्रमण हटाने का निर्णय लिया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा स्वीकार नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी इस प्रकार की कार्रवाई जारी रहेगी।हालांकि कार्रवाई के दौरान हिंदू संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए तथा उन्होंने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। विरोध के चलते प्रशासन को कार्रवाई बीच में ही रोकनी पड़ी। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था किए बिना मकान नहीं तोड़े जाने चाहिए।तहसीलदार पीयूष दीक्षित ने बताया कि प्रशासन ने पीडब्ल्यूडी के कुल 10 मकानों को चिन्हित किया था। इनमें से पांच मकानों को गिरा दिया गया है। एक मकान में रैकवार परिवार निवास करता है, जिसके पास रहने की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है। इसी मुद्दे को लेकर हिंदू संगठनों ने विरोध दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि परिवार के पुनर्वास की व्यवस्था होने के बाद उक्त मकान को भी हटाया जाएगा। वहीं दो मकानों पर न्यायालय से स्थगन आदेश प्राप्त है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी भूमि पर कब्जा करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई जारी रहेगी और शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा।कमलेश मिश्रा एसडीओ पीडब्ल्यूडी ने बताया कि पीडब्यूडी के जर्जर भवनों को कब्जा मुक्त कराकर गिराया जाए। इन लोगों का बहुत लंबे अरसे से कब्जा किए थे। कोर्ट में भी ये लोग गए वहां हार गए इसके बावजूद भी कब्जा नहीं हटा रहे। नजूल में किस आधार पर पंजीकृत किया गया, ये जानकारी की जाएगी। एक मकान सरानी गेट पर गिराया गया था। दो ऐसे मकान हैं जिन पर न्यायालय से स्टे है बाकी 7 जर्जर और कब्जा किए मकानों को गिराया जाना था। हिन्दूवादी नेता प्रखर भट्ट ने बताया कि गरीब लोगों के मकान गिराए जा रहे हैं वे कहां जाएंगे। बड़े-बड़े व्यापारी जो पीडब्ल्यूडी की जमीनों पर अतिक्रमण किए हैं पहले उन्हें हटाया जाए इसके बाद गरीबों के अतिक्रमण को हटाया जाए। हम शासन की अतिक्रमण हटाओ मुहिम का विरोध नहीं कर रहे लेकिन सबसे पहले बड़े मठाधीशों द्वारा शासकीय जमीनों पर किया गया कब्जा हटाया जाए।

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