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लजीज व्यंजनों का बच्चों ने लिया जायका,तो महिलाएं शौचालय को तरसीं,अंडर 14 वर्ष 69वीं राष्ट्रीय शालेय बालक हॉकी प्रतियोगिता

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टीकमगढ़। इडली, डोसा, जलेबी से लेकर पूड़ी-सब्जी यहां खिलाडिय़ों को दिया जा रहा है, वहीं नाश्ता भी कमाल का है। यहां आए खिलाड़ी ठहरने एवं भोजन के इंतजाम से जहां प्रसन्न हैं, तो वहीं नए स्टेडियम पर बिछे एस्ट्रोटर्फ पर अपना प्रदर्शन करने से भी खुश नजर आ रहे हैं। नन्हें-बच्चों के प्रदर्शन में यहां दर्शकों का भी मन जीत लिया। अंडर 14 नेशनल हाकी प्रतियोगिता के शहर में हो रहे आयोजन की खुशियां हाकी प्रेमियों में भी स्पष्ट देखी जा सकती हैं। स्टेडियम और भोजनशाला पास-पास ही रखे गए हैं। और तो और बच्चों के लिए यहां बेज और नौनबेज दोनों प्रकार के भोजन का इंतजाम किया गया था, लेकिन आज से बंद हो जाने के कारण कई बच्चे खाली पंडाल ही देखकर आखिर बाद में नौनबेज की ओर आते नजर आए। सुबह अंडा का नाश्ता भी गायब रहा, बाद में उन्हें पता चला कि अंडा अब मिलना नहीं है। कई टीमें यहां से रवाना भी हो गई हैं, जिन्हें सर्दी के बावजूद डीईओ ने स्टेशन पहुंचकर रवाना किया। देखा जा रहा है कि भोजनशाला के आसपास जानवरों की संख्या कुछ अधिक नजर आ रही है। जिस कारण शिक्षकों एवं कर्मचारियों का काफी समय उन्हें भगाने में ही बर्बाद होता है। यहां रखे चलित शौचालय को देखकर खासतौर पर महिलाएं वापिस लौटती नजर आईं, यहां अधिक ऊंचाई पर महिलाओं के चढऩे का कोई इंतजाम नहीं था। डीईओ साहब के संज्ञान में इसे लाया गया, उन्होनें फाइनल के दिन इसे बेहतर रखने की बात कही। जिले में 69वीं राष्ट्रीय शालेय 14 वर्ष बालक हॉकी प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में प्रतियोगिता के पांचवे दिन ढोंगा ग्राउंड पर 4 क्वाटर फाईनल मैच तथा दो सेमी फाईनल मैच खेले गये, जिसमें खिलाडिय़ों उत्कृष्ट खेल का प्रदर्शन किया गया। प्रतियोगिता के पांचवे दिन पहला मैच पंजाब और मध्यप्रदेश के मध्य खेल गया, जिसमें पंजाब ने 6 और मध्यप्रदेश ने 3 गोल दागे, 3 गोल से पंजाब को विजेता घोषित किया गया। दूसरा मैच बिहार और झारखंड के मध्य हुआ, जिसमें झारखंड ने 13-0 से विजय हासिल की। तीसरा मैच मणिपुर और उड़ीसा के मध्य खेला गया, जिसमें मणिपुर 9-2 से विजय हुई। चौथा क्वाटर फाईनल मैच उत्तर प्रदेश और हरियाणा के मध्य खेला गया जिसमें उत्तरप्रदेश 8-1 से विजय हुई।
पंजाब तथा उत्तर प्रदेश फाइनल में-
इसी प्रकार प्रतियोगता का पहला सेमी फ ाईनल मैच पंजाब तथा मणिपुर के बीच खेला गया, जिसमें पंजाब की टीम ने 7 गोल तथा मणिपुर की टीम ने 2 गोल किये, पंजाब की टीम ने 5 गोल से विजय हासिल कर फाईनल में प्रवेश किया। इसी प्रकार दूसरा सेमी फाईनल मैच झारखंड तथा उत्तरप्रदेश के मध्य खेला गया, जिसमें उत्तर प्रदेश की टीम ने 3 गोल तथा मणिपुर की टीम ने 1 गोल किये। यूपी ने मणीपुर से यह मुकाबला 3-1 से जीता। बताया गया है कि 27 दिसम्बर को प्रतियोगिता का फाईनल मैच पंजाब तथा उत्तर प्रदेश के मध्य खेला जायेगा। साथ ही तीसरे स्थान के लिये मणिपुर तथा झारखंड के मध्य मैच खेला जायेगा।
चाचा भतीजे गोलकीपर-
यूपी के सीएम योगी जी के क्षेत्र से आने वाले गोरखपुर निवासी दो अंडर 14 प्लेयर आपस में चाचा-भतीजे हैं। मजे की बात यह है कि इनमें भतीजा पिछले चार साल से हाकी खेल रहा है। बताया गया है कि सत्यम और अमरजीत तिवारी आपस में चाचा-भतीजे हैं और दोनों ही अंडर 14 नेशनल हाकी प्रतियोगियता में हिस्सा ले रहे हैं। और तो और एक इत्तफाक यह भी है कि दोनों की खिलाड़ी गोलकीपर हैं। यूपी की रक्षा पंक्ति को मजबूत बनाने में इन दोनों चाचा-भतीजों की महत्वपूर्ण भूमिका कही जा सकती है। फाइनल तक टीम के पहुंचने में सत्यम एवं अमरजीत की सराहनीय भूमिका रही है, जिन्होंने अपने प्रतिद्वंदी खिलाडिय़ों के मंसूबों को पूरा नहीं होने दिया।
अंग्रेजी को जानत…?
दिल्ली से आए एक कोच से जब आयोजन समिति के एक अधिकारी ने अपना कमेंट लेटर पर लिखने के लिए कहा, तो उसने पेपर देखकर कमेंट लिखने से साफ मना कर दिया। कारण था कि वह लेटर हिंदी में था और इन साहब को हिंदी नहीं आती थी। अब ऐसी स्थिति में अंग्रेजी जानने वाले की खोज शुरू हुई। लेकिन वह पत्र को अंग्रेजी में लाने पर ही अड़े थे। ऐसे में संकट खड़ा हो गया। आखिरकार पत्र को अंग्रेजी में बदला गया तब कहीं साहब ने उस पर अपने विचार व्यक्त किए। जानकारी के लिए बता दें कि पत्र में केवल यहां की व्यवस्थाओं के बारे में विचार जाने गए थे। भारत में जब हिंदी न जानने वालों की संख्या अंग्रेजी जानने वालों के बराबर नजर आए, तो फिर क्या कहा जाए। हिन्दी को मात्र भाषा बनाना इतना आसान तो नहीं लगता। खैर जो भी हो, लेकिन एक साहब ने तो उस समय कमाल कर दिया, जब उन्होंने हिंदी तो दूर, अपनी क्षेत्रीय बोली में पूंछा कि अंग्रेजी को जानत…।

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