छतरपुर। जिले की बड़ामलहरा जनपद अंतर्गत अबार माता मंदिर में शारदीय नवरात्र की पंचमी पर हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे। दूर-दराज से आए भक्तों ने मां के चरणों में मत्था टेका, लेकिन मंदिर प्रांगण में प्रशासन की ओर से कोई सुरक्षा या व्यवस्था न होने से चिंता बढ़ गई। भारी भीड़ में कोई पुलिस तैनाती, यातायात नियंत्रण या आपातकालीन इंतजाम न दिखने से अनहोनी की आशंका बनी रही।
रामटोरिया ग्राम के पास स्थित इस 800 साल पुराने मंदिर में चंदेल काल से चली आ रही परंपरा के तहत भक्तों ने स्नान, तर्पण और पूजन किया। 70 फीट ऊंची चट्टान पर बने मंदिर की मान्यता है कि यहां संतान प्राप्ति की मनोकामना पूरी होती है। सुबह से ही लंबी कतारें लगी रहीं, लेकिन मंदिर प्रांगण में प्रशासन की कोई सुरक्षा व्यवस्था नजर न आई। न तो पुलिस बल तैनात था, न यात्री सुविधा, न ही भीड़ प्रबंधन का इंतजाम। ग्रामीणों ने बताया कि घुवारा से टीकमगढ़ मार्ग पर स्थित मंदिर में पहुंचने के लिए बस-टैक्सी सुविधा तो है, लेकिन भीड़ में दुर्घटना का खतरा बना रहता है। प्रशासन की इस अनदेखी पर सवाल उठ रहे हैं कि क्या वे किसी अनहोनी का इंतजार कर रहे हैं या उन्हें भक्तों की सुरक्षा की खबर ही नहीं। स्थानीय अधिकारियों से संपर्क करने पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला।









