वहीं दूसरी ओर सर्किट हाउस चौराहे के पास बना यात्री प्रतीक्षालय अतिक्रमणकारियों का शिकार हो गया है। नगर परिषद की उदासीनता के कारण दुकानदारों ने प्रतीक्षालय को पूरी तरह ढक लिया है, जिससे आने-जाने वाले मुसाफिरों को इसकी पहचान ही नहीं हो पा रही। यदि कोई यात्री अंदर बैठने की कोशिश करे, तो दुकानदार झगड़ा करने को तैयार हो जाते हैं। मध्य प्रदेश सरकार द्वारा यात्रियों की सुविधा के लिए बनाए गए इन भवनों का रखरखाव न होने से समस्या बढ़ रही है। सर्किट हाउस चौराहे के पास स्थित यात्री प्रतीक्षालय में अतिक्रमणकारियों ने दुकानें सेट कर ली हैं। नगर परिषद द्वारा बोरवेल से पानी पहुंचाने वाली पाइपलाइनों के लीकेज की तरह यहां भी रखरखाव की कमी से प्रतीक्षालय ढक गया है। यात्रियों को अब पता ही नहीं चलता कि प्रतीक्षालय कहां है। यदि कोई मुसाफिर अंदर जाने की कोशिश करे, तो दुकानदार लड़ाई-झगड़े पर उतारू हो जाते हैं। हीरो एजेंसी के संचालक अतुल गुप्ता ने बताया कि यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है। नगर परिषद को तुरंत कार्रवाई कर अतिक्रमण हटाना चाहिए, ताकि यात्री सुरक्षित बैठ सकें।










